Kanjhawala Death Case: दिल्ली के कंझावाला कांड पर सियासत के बीच सोमवार (दो जनवरी, 2022) को थाने के बाहर जमकर बवाल हुआ। सुल्तानपुरी पुलिस स्टेशन के बाहर भारी संख्या में एकजुट हुई महिलाओं ने केस को लेकर विरोध जताया। उनका गुस्सा इस कदर फूटा कि सामने आई एक गाड़ी को घेर कर वह अपनी नाराजगी जाहिर करने लगीं। प्रदर्शनकारियों महिलाओं में से कुछ इस दौरान गाड़ी के बोनट को तेजी से पीटने लगी थीं, जबकि कई नारे लगाते हुए मांग उठा रही थीं कि दोषियों को फांसी दी जाए।
इस बीच, दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने हादसे पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि इस ‘‘अमानवीय’’ घटना से उनका सिर शर्म से झुक गया है। रविवार रात उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘कंझावला-सुल्तानपुरी में हुई अमानवीय घटना से मेरा सिर शर्म से झुक गया है और मैं आरोपियों की भयावह असंवेदनशीलता देखकर स्तब्द्ध हूं। पुलिस आयुक्त के साथ स्थिति पर नजर बनाए हूं और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच की जा रही है।’’
उपराज्यपाल ने स्थिति को एक अवसर की तरह देख उसका फायदा उठाने को लेकर आगाह किया और लोगों से अधिक संवेदनशील समाज बनाने की दिशा में बढ़ने का आग्रह किया। वह आगे बोले, ‘‘लड़की के परिवार को हर संभव मदद सुनिश्चित की जाएगी। मैं अपील करता हूं कि इसे एक मौके की तरह न देखें। एक जिम्मेदार और संवेदनशील समाज बनाने की दिशा में मिलकर काम करें।’’
उधर, आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सौरभ भारद्वाज ने सोमवार को आरोप लगाया कि कंझावला-सुल्तानपुरी कांड में गिरफ्तार पांच आरोपियों में से एक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का सदस्य मनोज मित्तल है और उसकी तस्वीर वाला एक होर्डिंग उस स्थानीय थाने के बाहर लगा है, जहां वह और उसके दोस्त बंद हैं। भारद्वाज का आरोप है कि युवती के शरीर पर कपड़े नहीं थे। उन्होंने कहा कि पुलिस इस बात की जांच करे कि उसके साथ बलात्कार किया गया था या नहीं।
भाजपा की दिल्ली इकाई के मीडिया प्रकोष्ठ के प्रमुख हरीश खुराना ने कहा कि पुलिस ने पहले ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए, चाहे वे किसी भी पार्टी के हों। भारद्वाज ने सोमवार को एक वीडियो भी जारी किया जिसमें कथित तौर पर सुल्तानपुरी थाने के बाहर मित्तल का होर्डिंग लगा हुआ नजर आ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ पुलिस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है क्योंकि दोषियों में से एक भाजपा का सदस्य है। डीसीपी (पुलिस उपायुक्त) यह कहकर मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं कि कार में संगीत बहुत तेज था, इसलिए अपराधियों को पता नहीं चला कि कार में लड़की फंस गई है।’’ भारद्वाज के अनुसार, ‘‘ यह कैसे हो सकता है कि युवती का जब शव बरामद हुआ तो उस पर कपड़े नहीं थे? इसकी जांच की जानी चाहिए। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)
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