दिल्ली

Delhi: बैंक की तकनीकी टीम बनकर करते थे बैंकिंग फ्रॉड, पुलिस ने किया पर्दाफाश; 6 ठग गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने विकासपुरी इलाके में एक अवैध कॉल सेंटर का पर्दाफाश करते हुए छह साइबर ठगों को गिरफ्तार किया। ये अपराधी लोगों को एक निजी बैंक की तकनीकी सहायता टीम होने का झांसा देकर क्रेडिट कार्ड और पिन की जानकारी चुराते थे। गिरोह ने कई पीड़ितों से लगभग 85 लाख रुपये की ठगी की। गिरफ्तार आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप, राउटर और बैंक डेटा से भरी डायरी बरामद की गई है।

Delhi Police Bust Illegal Call Center (Symbolic Photo: Canva)

दिल्ली पुलिस ने अवैध कॉल सेंटर का किया भंडाफोड़ (प्रतीकात्मक फोटो: Canva)

Delhi Illegal Call Center: दिल्ली पुलिस ने विकासपुरी इलाके में एक अवैध कॉल सेंटर का पर्दाफाश करते हुए छह साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो लोगों को एक निजी बैंक की तकनीकी सहायता टीम होने का दावा कर ठगते थे। अधिकारियों के अनुसार, ये अपराधी क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाने और पिन जनरेट करने में मदद का झांसा देकर नए कार्डधारकों को निशाना बनाते थे। गिरफ्तारियां दिल्ली, हरियाणा और तेलंगाना में की गईं। आरोपियों के पास से कुल 41 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक राउटर और बैंक ग्राहकों के डेटा वाली डायरी जब्त की गई है। पुलिस ने आरोपियों की पहचान विजय कुमार शर्मा (46), मूलचंद मिश्रा (51), अमित (27), प्रदीप साहू (28), गौरव (38) और हेमंत (25) के रूप में की है।

गिरोह ने की 85 लाख रुपये की ठगी

अभियुक्त गिरोह ने कई पीड़ितों को ठगकर लगभग 85 लाख रुपये की ठगी की। बरामद मोबाइल नंबरों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर पहले से ही 95 शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस उपायुक्त (द्वारका) अंकित सिंह ने बताया, “यह मामला तब सामने आया जब द्वारका निवासी वीरेंद्र कुमार (42) ने 21 जून को शिकायत दर्ज करवाई कि एक नए निजी बैंक के क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने के बाद उन्हें पिन जनरेट करने के नाम पर कॉल आई। इसके कुछ समय बाद उनके खाते से 2.81 लाख रुपये का अनधिकृत लेनदेन सामने आया।”

ऐसे देते थे लोगों को झांसा

अधिकारियों ने बताया कि शिकायत के बाद प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी एक अवैध कॉल सेंटर चला रहे थे, जहां टेलीकॉलर खुद को बैंक अधिकारी के रूप में पेश करते थे। वे क्रेडिट कार्ड धारकों से संपर्क कर उन्हें क्रेडिट सीमा बढ़ाने या पिन जनरेट करने में मदद का झांसा देते थे। बातचीत के दौरान, आरोपी पीड़ितों को एक एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए कहते थे, जिससे वे दूर से ही मोबाइल फोन तक पहुँच बना लेते थे, जिसमें एसएमएस और अन्य संवेदनशील जानकारी शामिल थी। इसके जरिए उन्हें पीड़ितों के ओटीपी और बैंकिंग विवरणों पर नियंत्रण मिल जाता था।

पीड़ित के क्रेडिट कार्ड का दुरुपयोग

पुलिस उपायुक्त ने बताया, “गिरोह इसके बाद चुराई गई जानकारी का इस्तेमाल पीड़ित के क्रेडिट कार्ड का दुरुपयोग करने के लिए करता था। इसके माध्यम से वे पैसे बैंक खातों में ट्रांसफर करते या ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए महंगे मोबाइल फोन खरीदते थे। बाद में धोखेबाज इन फोनों को स्थानीय रिटेलरों को रियायती दामों पर बेच देते और खुद को कंपनी का अधिकृत डीलर बताते थे।” पुलिस ने बताया कि तकनीकी निगरानी से पता चला कि शिकायतकर्ता को धोखाधड़ी वाली कॉल विकासपुरी इलाके से की गई थी।

मामले की जांच जारी

आगे की जांच में यह भी सामने आया कि अपराध में इस्तेमाल किए गए ‘म्यूल’ खाते और फर्जी सिम कार्ड हरियाणा के पानीपत, पंजाब के बठिंडा और तेलंगाना के हैदराबाद से जुड़े थे। पुलिस ने बताया कि विकासपुरी और हैदराबाद में एक साथ छापेमारी के दौरान सरगना विजय शर्मा और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के अनुसार, शर्मा ने पीड़ितों को लुभाने के लिए चार महिला टेलीकॉलर्स को काम पर रखा था, जबकि वह खुद कॉल हैंडल करता, दुर्भावनापूर्ण एपीके फाइल भेजता और पैसे की हेराफेरी करता था। पुलिस ने कहा कि मामले की आगे भी विस्तृत जांच जारी है।

(इनपुट - भाषा)

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। दिल्ली (Cities News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।

लेटेस्ट न्यूज

 Nilesh Dwivedi
Nilesh Dwivedi Author

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अप... और देखें

End of Article