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Delhi-NCR Pollution: दिल्ली में प्रदूषण से बुरा हाल, स्मॉग से ढका इंडिया गेट; ऑफिस में 50% WFH लागू

दिल्ली-एनसीआर में जहरीली हवा का प्रकोप जारी है। एक्यूआई लगातार बेहद खराब स्तर पर दर्ज किया जा रहा है। स्मॉग के कारण विजिबिलिटी में भी गिरावट आई है। दिल्ली के सरकारी और निजी ऑफिस में 50% कर्मचारियों का WFH लागू कर दिया गया है।

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स्मॉग की चादर में लिपटी दिल्ली (ANI)

Delhi-NCR Air Pollution: दिल्लीवासियों को जहरीली हवा से राहत नहीं मिल रही है। आज सुबह भी राजधानी प्रदूषण की चादर में लिपटी नजर आई। स्मॉग के कारण विजिबिलिटी भी काफी कम हो गई। जिसके कारण सुबह के समय इंडिया गेट भी नजर नहीं आ रहा था। आज सुबह दिल्ली का औसत एक्यूआई 363 दर्ज किया गया, जिसे बेहद खराब की श्रेणी में माना जाता है। इस दौरान सबसे अधिक AQI रोहिणी में 416 दर्ज किया गया। बढ़ते प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार के सभी सरकारी और प्राइवेट ऑफिस में केवल 50 प्रतिशत कर्मचारियों को ही वर्क फ्रॉम होम लागू कर दिया है।

NCR के शहरों में पॉल्यूशन का हाल

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के समीर ऐप के अनुसार आज सुबह 7 बजे दिल्ली के चार सबसे प्रदूषित इलाके आनंद विहार, वजीरपुर, रोहिणी और जहांगीरपुरी रहे। एनसीआर के शहरों में भी प्रदूषण से हाल बुरा है। नोएडा में आज सुबह 390 एक्यूआई रहा, जिसे बेहद खराब स्तर में माना जाता है। ग्रेटर नोएडा में भी 400 के करीब ही एक्यूआई रहा। यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स 382 अंक पर दर्ज हुई। गाजियाबाद में एक्यूआई 348 रहा। वहीं गुरुग्राम में गुरुग्राम में 311 और फरीदाबाद में 222 एक्यूआई दर्ज किया गया।

दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में AQI

दिल्ली के इलाकेAQI
आईटीओ379
सिरी फोर्ट369
आर के पुरम390
पंजाबी बाग391
दिल्ली यूनिवर्सिटी नॉर्थ कैंपस368
नेहरू नगर395
द्वारका सेक्टर -8379
पटपड़गंज378
अशोक विहार386
सोनिया विहार374
जहांगीरपुरी400
रोहिणी416
विवेक विहार438
ओखला फेज-2362
वजीरपुर400
बवाना388
मुंडका384
आनंद विहार401
चांदनी चौक354
बुराड़ी क्रॉसिंग382
डीटीयू396

आवश्यक सेवाओं को रहेगी छूट

बढ़ते वायु प्रदूषण के मद्देनजर चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (जीआरएपी) के तीसरे चरण के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली सरकार के सभी कार्यालय और निजी प्रतिष्ठान 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम करेंगे और बाकी कर्मचारी घर से काम करेंगे। यह निर्देश पर्यावरण विभाग की ओर से पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा पांच के तहत जारी किया गया है जिसे दिल्ली सरकार के सभी कार्यालयों और राजधानी में संचालित निजी संस्थानों पर लागू किया है। अस्पताल, निजी स्वास्थ्य प्रतिष्ठान, अग्निशमन सेवाएं, सार्वजनिक परिवहन, जल एवं साफ-सफाई जैसी आवश्यक सेवाओं को प्रतिबंध से छूट दी गई है।

दिल्ली में संचालित सभी निजी कार्यालय 50 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ संचालित होंगे। उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना के नाम से जारी आदेश में कहा गया है कि शेष कर्मचारी अनिवार्य रूप से घर से काम करेंगे। इसमें कहा गया कि निजी प्रतिष्ठान भी जहां भी संभव हो, अलग-अलग कार्य घंटों को लागू करेंगे। ऐसे प्रतिष्ठान घर से काम करने के मानदंडों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करेंगे और कार्यालय आवागमन से जुड़े वाहनों की आवाजाही को कम से कम करेंगे। सरकार ने निर्देश दिया है कि जिलाधिकारी, पुलिस उपायुक्त और स्थानीय निकाय यह सुनिश्चित करें कि राष्ट्रीय राजधानी में सभी निजी कार्यालय इस आदेश का पालन करें। यह पहली बार है जब निजी कार्यालयों को 50 प्रतिशत कर्मचारियों के घर से काम करने के निर्देश को ‘‘अनिवार्य रूप से’’ लागू करने का निर्देश दिया गया है। इससे पहले, सरकार घर से काम करने के नियमों के बारे में निजी क्षेत्र के लिए सलाह जारी करती थी।

सोमवार को गंभीर श्रेणी के करीब रहा AQI

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली की वायु गुणवत्ता सोमवार को भी ‘गंभीर’ श्रेणी के करीब रही। शहर का समग्र एक्यूआई 382 रहा, जबकि 15 निगरानी केंद्रों में सूचकांक 400 से ज्यादा रहा। सोमवार को 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 382 पर पहुंच गया, जो लगातार 11वें दिन ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रहा। पर्यावरण विभाग ने कहा कि चूंकि वाहन शहर के प्रदूषण स्तर में बड़े पैमाने पर योगदान करते हैं, इसलिए यह महसूस किया गया कि वाहनों की आवाजाही पर और अधिक अंकुश लगाने की आवश्यकता है।

(इनपुट - भाषा)

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Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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