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PF खाताधारक के निधन के बाद कैसे मिलेगा पैसा, पेंशन और ₹7 लाख का इंश्योरेंस? जानिए पूरा प्रोसेस

PF खाताधारक के निधन के बाद परिवार को सिर्फ जमा PF राशि ही नहीं मिलती, बल्कि पेंशन और EDLI के तहत ₹7 लाख तक का इंश्योरेंस लाभ भी मिलता है।

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PF खाताधारक के निधन के बाद पैसा कैसे निकालें?

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने अंशधारकों को पेंशन और इंश्योरेंस कवर की सुविधा प्रदान करता है। अगर किसी कारण से पीएफ अकाउंट होल्डर की अकास्मिक मृत्यु हो जाती है तो परिवार के सदस्य पीएफ में जमा पैसा, पेंशन और 7 लाख रुपये का इंश्योरेंस क्लेम कर सकते हैं। यह क्लेम EPFO पोर्टल के जरिए ऑनलाइन किया जा सकता है। बता दें कि अभी यह सुविधा सिर्फ EPFO की वेबसाइट पर उपलब्ध है, उमंग ऐप पर नहीं। आइए जानतें क्लेम करने का पूरा प्रोसेस।

EPF की रकम किसे मिल सकती है?

प्रोविडेंट फंड की रकम सबसे पहले उस व्यक्ति (नॉमिनी) को दी जाती है जिसका नाम सदस्य ने रजिस्टर कराया हो। अगर कोई नॉमिनेशन नहीं किया गया है, तो यह रकम परिवार के योग्य सदस्यों में बराबर-बराबर बांट दी जाती है। EPF के नियमों के तहत, पेमेंट के लिए जीवनसाथी और बच्चों को परिवार का सदस्य माना जाता है। अगर नॉमिनेशन करते समय सदस्य का परिवार नहीं था, तो वे अपनी पसंद के किसी भी व्यक्ति को नॉमिनी बना सकते थे। हालांकि, अगर सदस्य की बाद में शादी हो जाती है या परिवार बन जाता है, तो परिवार के सदस्यों के पक्ष में नया नॉमिनेशन करना जरूरी हो जाता है।

अगर सदस्य अविवाहित है और उसका कोई जीवित जीवनसाथी या पात्र बच्चा नहीं है, तो PF और पेंशन के फायदों के लिए भाई-बहन को भी नॉमिनी बनाया जा सकता है। अगर कोई वैध नॉमिनी या पात्र परिवार का सदस्य नहीं है, तो पैसा उस व्यक्ति को दिया जाता है जो इसे पाने का कानूनी रूप से हकदार है।

क्लेम करने के लिए जरूरी दस्तावेज

  1. मृतक सदस्य का 12-अंकों वाला यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN)
  2. लाभार्थी का आधार, नाम और जन्म तिथि, जैसा कि ई-नॉमिनेशन में बताया गया है
  3. सदस्य का मृत्यु प्रमाण पत्र
  4. लाभार्थी का कैंसल किया हुआ चेक या बैंक पासबुक

ऑनलाइन क्लेम कैसे करें

आवेदन EPFO मेंबर पोर्टल के जरिए जमा किया जा सकता है।

सबसे पहले, मृतक सदस्य का UAN और साथ ही लाभार्थी का आधार विवरण, जन्म तिथि और कैप्चा डालें। "Get Authorisation PIN" पर क्लिक करने के बाद, वेरिफिकेशन के लिए सदस्य के अकाउंट से जुड़े रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP भेजा जाएगा।

वेरिफिकेशन होने के बाद, डेथ क्लेम का विकल्प चुनें। कर्मचारी का विवरण देखें, मृत्यु की तारीख डालें और मृत्यु प्रमाण पत्र अपलोड करें। फिर लाभार्थी का संपर्क और पता संबंधी विवरण दें।

अपनी पात्रता के आधार पर, आवेदक नीचे दिए गए क्लेम में से एक या ज्यादा चुन सकते हैं:

  • एकमुश्त प्रोविडेंट फंड निकालने के लिए फॉर्म 20
  • मंथली पेंशन के लिए फॉर्म 10D
  • EDLI इंश्योरेंस फायदों के लिए फॉर्म 5IF

आखिर में, बेनिफिशियरी की बैंक डिटेल्स डालें, कैंसल किया हुआ चेक अपलोड करें और बेनिफिशियरी के आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर भेजे गए OTP का इस्तेमाल करके सबमिशन पूरा करें।

क्लेम फाइल करते समय कोई एरर दिख रहा है?

कुछ आवेदकों को यह मैसेज मिल सकता है कि सभी सर्विस रिकॉर्ड के लिए सर्विस डिटेल्स जरूरी हैं। इसका मतलब आमतौर पर यह होता है कि मृतक मेंबर की एम्प्लॉयमेंट हिस्ट्री अधूरी है।

बेनिफिशियरी को सर्विस हिस्ट्री सेक्शन में छूटी हुई डिटेल्स देखनी चाहिए और पिछले एम्प्लॉयर से डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) का इस्तेमाल करके रिकॉर्ड अपडेट करने के लिए कहना चाहिए। अगर ऐसा करना मुमकिन नहीं है, तो वे EPFO ऑफिस में जॉइंट डिक्लेरेशन जमा कर सकते हैं या सैलरी स्लिप और डेथ सर्टिफिकेट जैसे सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स के साथ EPFiGMS पोर्टल के ज़रिए शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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