दिल्ली

समझौते से बनी बात, गाजीपुर पार्किंग विवाद की FIR दिल्ली हाईकोर्ट ने की रद्द

दिल्ली हाई कोर्ट ने गाजीपुर पार्किंग विवाद से संबंधित मामले में समझौता होने के बाद एफआईआर को रद्द कर दिया है। याचिकाकर्ता को पांच हजार रुपये का जुर्माना भरने का निर्देश दिया गया। इस मामले में आरोपियों ने दूसरे पक्ष पर लाठी-डंडों से हमला किया था, जिसके परिणामस्वरूप एफआईआर दर्ज की गई थी।

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दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज की पार्किंग विवाद की FIR

Photo : PTI

Delhi High Court: दिल्ली हाई कोर्ट ने गाजीपुर में पार्किंग विवाद के चलते हुई मारपीट के मामले में एफआईआर को रद्द कर दिया है। न्यायमूर्ति रवींद्र डुडेजा की पीठ ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है और वे मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते। 28 जनवरी 2023 को गाजीपुर थाने में दर्ज एफआईआर को बरकरार रखने का कोई लाभ नहीं है। कोर्ट ने आदेश दिया कि याचिकाकर्ता दिल्ली हाई कोर्ट एडवोकेट वेलफेयर फंड में पांच हजार रुपये जमा करें।

इस मामले की शुरुआत 27 अक्टूबर 2023 को हुई, जब पार्किंग को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने दूसरे पक्ष पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। शिकायतकर्ता की शिकायत पर गाजीपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई। हालांकि, 11 मार्च 2025 को दोनों पक्षों ने आपस में समझौता कर लिया और आरोपी ने प्रतिवादी को 50 हजार रुपये का भुगतान किया।

इसके बाद आरोपी ने एफआईआर रद्द करने की मांग को लेकर याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने समझौते के आधार पर एफआईआर रद्द करने पर कोई आपत्ति नहीं जताई। इस प्रकार, कोर्ट ने मामले का निपटारा करते हुए एफआईआर रद्द करने का आदेश दिया।

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Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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