Delhi News: दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी के लामपुर स्थित सेवा सदन नामक डिटेंशन केंद्र में बंदियों के बीच हिंसा की घटना की जांच के लिए गृह मंत्रालय को निर्देश जारी किए हैं। न्यायमूर्ति गिरीश कथपालिया की पीठ ने इस बात पर आश्चर्य जताया कि डिटेंशन केंद्र में लगे CCTV कैमरों की फुटेज जांचकर्ताओं से छिपाई जा रही है।
यह निर्देश दो विदेशी नागरिकों द्वारा दायर जमानत याचिकाओं की सुनवाई के दौरान दिया गया, जिन पर आरोप है कि हिंसा के दौरान उन्होंने एक गार्ड का हाथ मरोड़कर उसे घायल किया। कोर्ट ने रिकॉर्ड पर यह भी लिया कि समाज कल्याण विभाग, CRPF और FRRO तीनों एक-दूसरे पर CCTV फुटेज की देखरेख को लेकर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।
घटना के समय डिटेंशन केंद्र के CCTV कैमरे की निगरानी में लापरवाही बरती गई थी। आरोप है कि कुल नौ बंदियों में से दो को मौके पर ही पकड़ा गया, जबकि सात भाग निकले, जिनमें से छह को बाद में गिरफ्तार किया गया और एक अभी फरार है।
अदालत ने अभियोजन पक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि बार-बार सुनवाई स्थगित करने के बावजूद, घटना के सीसीटीवी फुटेज के रूप में कानूनी रूप से स्वीकार्य साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए। दोनों आरोपितों को जमानत देते हुए पीठ ने कहा कि चूंकि उनके पास वैध पासपोर्ट और वीजा नहीं है, इसलिए उन्हें वापस डिटेंशन केंद्र भेजा जाए।
इस पर एपीपी ने दलील दी कि दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव या गृह मंत्रालय के सचिव इस मामले में आवश्यक जांच के लिए सक्षम प्राधिकारी होंगे। इसके बाद कोर्ट ने आदेश की एक प्रति भारत सरकार के गृह मंत्रालय के सचिव को भेजने का निर्देश दिया ताकि उचित जांच सुनिश्चित की जा सके।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Delhi News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।
