दिल्ली

उफान पर यमुना नदी: दिल्ली पर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा, अगले 24 घंटे काफी अहम

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 10, 2023, 01:11 PM IST

Delhi Flood Alert: दिल्ली में यमुना नदी उफान पर है। मंगलवार तक पानी खतरे के निशान (205.33 मीटर ) को भी पार कर सकता है। ऐसा हुआ तो यमुना नदी के किनारे रहने वाले 37 हजार लोगों के जान आफत में पड़ सकती है।

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दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने किया यमुना नदी का दौरा

Delhi Flood Alert: पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और बाढ़ के बाद अब राजधानी दिल्ली और NCR में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ता ही जा रहा है। अब पूरे दिल्ली पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। कहा गया है कि दिल्ली के लिए अगले 24 घंटे काफी अहम हैं। कल सुबह तक पानी 185 से 195 सेंटीमीटर तक बढ़ने का अनुमान है। दिल्ली सरकार की ओर से बाढ का पहला अलर्ट जारी किया गया है। यमुना नदी के किनारे रहने वालों को खासा सावधान रहने को कहा गया है।

केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, दिल्ली में यमुना नदी उफान पर है। मंगलवार तक पानी खतरे के निशान (205.33 मीटर ) को भी पार कर सकता है। ऐसा हुआ तो यमुना नदी के किनारे रहने वाले 37 हजार लोगों के जान आफत में पड़ सकती है। जल आयोग के मुताबिक, सोमवार सुबह आठ बजे पुराने रेलवे ब्रिज पर यमुना नदी जल स्तर 203.33 मीटर दर्ज किया गया था, जो दोपहर 12 बजे 204.36 मीटर रिकार्ड किया गया। यहां चेतावनी लेवल 204.50 मीटर है।

हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण हुई स्थिति

दिल्ली में बाढ़ जैसी स्थिति हथिनीकुंड बैराज से लगातार नदी में पानी छोड़े जाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हो रही है। दोपहर 12 बजे बैराज से 2,17,003 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बाढ़ के खतरे के बीच दिल्ली सरकार ने यमुना नदी के किनारे लोगों को न जाने की सलाह दी है।

इन इलाकों में सबसे ज्यादा बाढ़ का खतरा

दिल्ली में सीलमपुर की किसान बस्ती, सोनिया विहार में एमसीडी टोल, पुराना लोहे का पुल, आईएसबीटी किसान बस्ती, अन्नपूर्णाा मंदिर, उस्मानपुर पुस्ता, बदरपुर खादर गांव, सबपुर बस टर्मिनल, गढ़ी मांडू गांव में सबसे ज्यादा बाढ़ का खतरा है। इसके अलावा दिल्ली सचिवालय, आईटीओ, लाल किलो, यमुना बाजार, लक्ष्मी नगर, विवके बिहार, आनंद विहार, प्रीत विहार, कृष्णा नगर, शाहदरा, वजीदाबाद, बाबरपुर, अलीपुर, नांगलोई, आईएसबीटी, कश्मीरी गेट इलाके में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

दिल्ली में रिकॉर्ड तोड़ बारिश

बता दें, दिल्ली-एनसीआर में तीन दिन से लगातार बारिश हो रही है। यहां भारी बारिश के कारण बीते 41 साल का रिकॉर्ड टूट गया। कई इलाकों में जल भराव हो गया है। इसके कारण स्कूलों को भी बंद करना पड़ा है। रविवार को सीएम अरविंद केजरीवाल जलभराव से निपटने के लिए अधिकारियों की छुट्टी कैंसिल कर दी थी। अब दिल्ली पर मंडरा रहे बाढ़ के खतरे के बीच सीएम केजरीवाल ने अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की है।

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प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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