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दिल्ली में जहरीली हवा का संकट; पूरे साल सतर्कता जरूरी, विशेषज्ञों ने दी लॉन्ग टर्म उपायों की चेतावनी

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का संकट लगातार गहराता जा रहा है, और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बेहद खराब स्तर पर है। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल अस्थायी कदम पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि पूरे साल लागू होने वाले लॉन्ग टर्म उपायों की आवश्यकता है। स्वास्थ्य पर इसका असर गंभीर है, जिससे सांस, हृदय और बच्चों के विकास तक प्रभावित हो सकते हैं।

Delhi Faces Severe Air Pollution Crisis (Symbolic Photo: iStock)

दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर विशेषज्ञों की सलाह (सांकेतिक फोटो: iStock)

Delhi Air Pollution: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बेहद खराब स्तर तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस संकट से निपटने के लिए केवल शॉर्ट टर्म उपाय पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि दीर्घकालिक और सतत समाधान अपनाना आवश्यक है, जिन्हें पूरे साल गंभीरता से लागू किया जाए। राजधानी में वायु गुणवत्ता लगातार 15वें दिन भी बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने शनिवार सुबह 7 बजे AQI 338 दर्ज किया।

दीर्घकालिक समाधान अपनाने की आवश्यकता

एम्स नई दिल्ली के पल्मोनरी मेडिसिन और स्लीप डिसऑर्डर विभाग के प्रमुख डॉ. अनंत मोहन ने कहा कि राजधानी में हेल्थ इमरजेंसी की स्थिति बन चुकी है। उनका कहना था कि प्रदूषण कम करने के प्रयास केवल अस्थायी नहीं होने चाहिए। इससे कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है, लेकिन शहर को तुरंत और दीर्घकालिक समाधान अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस स्थिति में त्वरित कदम उठाना बेहद जरूरी है। शुक्रवार को शहर का 24 घंटे का औसत AQI 369 दर्ज किया गया, जिससे दिल्ली में लगातार आधे महीने तक वायु गुणवत्ता बहुत खराब बनी रही। एयर क्वालिटी और मौसम विभागों के अनुमान के अनुसार, आने वाले सप्ताह में इसमें कोई खास सुधार होने की संभावना नहीं है।

गर्मियों में भी AQI रहता है खराब

दिल्ली एम्स के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के डॉ. सौरभ मित्तल ने बताया कि अक्टूबर से दिसंबर तक वायु प्रदूषण पर काफी चर्चा होती है और इस दौरान काफी सक्रिय कदम उठाए जाते हैं। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यह समझना जरूरी है कि गर्मियों में भी राजधानी की एयर क्वालिटी अच्छी नहीं रहती। मौसम सामान्य होने के बावजूद, वैश्विक मानकों की तुलना में वायु गुणवत्ता अक्सर औसत से कम होती है। मित्तल ने जोर देते हुए कहा कि ऐसे उपायों की आवश्यकता है जो पूरे साल प्रभावी हों, न कि केवल कुछ महीनों के लिए। विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली में हवा की खराब गुणवत्ता का मुख्य कारण शहर की भौगोलिक स्थिति और मानव गतिविधियां हैं।

भौगोलिक स्थिति भी वायु प्रदूषण का कारण

अशोका यूनिवर्सिटी के डीन और फिजिक्स व बायोलॉजी के प्रोफेसर गौतम मेनन ने आईएएनएस को बताया कि दिल्ली इंडो-गंगा (आईजीपी) या सिंधु-गंगा मैदान के एयरशेड का हिस्सा है। राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण का स्तर दुनिया के उच्चतम में शामिल है। इसका एक कारण इस क्षेत्र की विशेष भौगोलिक स्थिति है, जो सर्दियों में जब हवा धीमी हो जाती है, तो प्रदूषण को जमी हुई हवा में रोक देती है। इसके अलावा, प्रदूषण कई अन्य कारणों से बढ़ता है, जैसे वाहन संख्या में लगातार वृद्धि, बायोमास का जलना, अवैध फैक्ट्रियां और तेजी से बढ़ता निर्माण कार्य। ये सभी मानव जनित कारण हैं, यानी इन्हें नियंत्रित किया जा सकता है।

स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है?

वायु प्रदूषण का स्वास्थ्य पर शॉर्ट टर्म (अल्पकालिक) और लॉन्ग टर्म (दीर्घकालिक) दोनों तरह का असर पड़ता है। अल्पकालिक प्रभावों में खांसी, आंखों में जलन, सिरदर्द और अस्थमा के अटैक शामिल हैं, जबकि दीर्घकालिक प्रभावों में गंभीर बीमारियां जैसे कि क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD), फेफड़ों का कैंसर, हृदयाघात, स्ट्रोक, नर्वस सिस्टम पर नुकसान और बच्चों के विकास में रुकावटें शामिल हैं। विभिन्न अध्ययन बताते हैं कि पर्यावरण में मौजूद प्रदूषक जैसे कार्बन मोनोऑक्साइड, ओजोन, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड स्ट्रोक के प्रमुख कारण हो सकते हैं। दिल्ली के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. (प्रो.) पी. एन. रेनजेन ने बताया कि छोटे पार्टिकुलेट मैटर (PM2.5) फेफड़ों से रक्त प्रवाह में प्रवेश कर ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। विशेषज्ञों ने ऐसे समय में मास्क पहनने और सुबह-सुबह बाहर जाने से बचने की सलाह दी है।

(इनपुट - आईएएनएस)

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 Nilesh Dwivedi
Nilesh Dwivedi Author

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अप... और देखें

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