दिल्ली

विदेश में बैठकर दिखाते थे हेकड़ी, दिल्ली पुलिस ने यूं बिछाया जाल; फर्जी पासपोर्ट गिरोह का किया भंडाफोड़

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की अंतर्राज्यीय सेल ने फर्जी पासपोर्ट बनाने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। जांच में पता चला कि निशांत कुमार सक्सेना और उसके साथी पहले फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईडी और जन्म प्रमाण पत्र तैयार करते थे। इसके बाद वे पासपोर्ट सेवा केंद्र में गलत जानकारी देकर पासपोर्ट बनवा लेते थे। पुलिस को शक है कि लखनऊ पासपोर्ट कार्यालय के कुछ कर्मचारियों की इसमें मिलीभगत थी।

Image

दिल्ली पुलिस ने फर्जी पासपोर्ट गिरोह का किया भंडाफोड़

दिल्ली : दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की इंटर-स्टेट सेल ने एक बड़े फर्जी पासपोर्ट रैकेट का खुलासा किया है, जो अपराधियों के लिए जाली पहचान से पासपोर्ट तैयार कर उन्हें विदेश भेजने का काम कर रहा था। इस मामले में गिरोह के सरगना समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 6 फर्जी पासपोर्ट, 12 मोबाइल, दो लैपटॉप, एक पीवीसी कार्ड प्रिंटर और करीब 1,000 फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईडी और पैन कार्ड बरामद किए हैं। क्राइम ब्रांच के जॉइंट कमिश्नर सुरेंद्र कुमार ने बताया कि हाल के दिनों में यह देखा गया था कि कई गैंगस्टर और अपराधी विदेशों में बैठकर धमकी दे रहे थे और भारतीय एजेंसियों से बचने के लिए फर्जी पहचान के सहारे देश छोड़कर भाग रहे थे।

पुलिस ने गैंग का ऐसे किया खुलासा

इस संगठित अपराध को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस की इंटर-स्टेट सेल को विशेष जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। इंस्पेक्टर मनमीत मलिक की टीम ने करीब चार महीनों तक इस गिरोह की गतिविधियों पर नजर रखी और तकनीकी सर्विलांस के जरिए पुख्ता जानकारी जुटाई। पुलिस को खबर मिली कि लखनऊ में एक गिरोह अपराधियों के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर पासपोर्ट बनवा रहा है। इसके बाद पुलिस ने एक डिकॉय ग्राहक भेजकर इस गैंग से संपर्क किया और फर्जी पासपोर्ट बनवाने की डील की। जैसे ही पासपोर्ट की डिलीवरी तय हुई, टीम ने लखनऊ में छापेमारी कर गिरोह के सरगना निशांत कुमार सक्सेना को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। उसकी तलाशी में पांच और फर्जी पासपोर्ट, दो सीपीयू, दो मोबाइल और कई नकली दस्तावेज मिले।

गिरोह के काम करने का तरीका

जांच में पता चला कि निशांत कुमार सक्सेना और उसके साथी पहले फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईडी और जन्म प्रमाण पत्र तैयार करते थे। इसके बाद वे पासपोर्ट सेवा केंद्र में गलत जानकारी देकर पासपोर्ट बनवा लेते थे। पुलिस को शक है कि लखनऊ पासपोर्ट कार्यालय के कुछ कर्मचारियों की इसमें मिलीभगत थी।

ये आरोपी हुए गिरफ्तार

  • मोनू उर्फ आर्यन (27 साल) कुख्यात गैंगस्टर, जो पांच हत्याओं और हथियार तस्करी के मामलों में शामिल था। यह फर्जी पासपोर्ट से दुबई होते हुए अमेरिका भागने की फिराक में था।
  • हरपाल सिंह (57 साल) पंजाब का हिस्ट्रीशीटर, जो पहले पंजाब पुलिस में कांस्टेबल था, लेकिन धोखाधड़ी के मामलों में शामिल होने के कारण बर्खास्त कर दिया गया।
  • निशांत कुमार सक्सेना (42 साल) गिरोह का मास्टरमाइंड, जो पहले टूर एंड ट्रैवल एजेंट था और अपराधियों के संपर्क में आने के बाद इस धंधे में उतर गया।
  • सुफियान (28 साल) लखनऊ पासपोर्ट सेवा केंद्र के बाहर एजेंट का काम करता था और कर्मचारियों से सांठगांठ कर फर्जी पासपोर्ट बनवाने में मदद करता था।
  • अतुल कुमार (24 साल) लखनऊ में साइबर कैफे और आधार कार्ड सेंटर से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा, जो नकली दस्तावेज तैयार करता था।
  • सुखदीप सिंह (36 साल) हरियाणा के करनाल में ग्लोबल स्टडी ट्रैवल" नामक कंसल्टेंसी चलाता था और ग्राहकों को फर्जी पासपोर्ट बनवाने के लिए निशांत तक पहुंचाता था।

इनकी गिरफ्तारी संभव

पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि कई और अपराधियों ने इस गिरोह की मदद से फर्जी पासपोर्ट बनवाए थे। बरामद दस्तावेजों की गहराई से जांच की जा रही है, जिससे गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जा सके। दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस तरह के फर्जी पासपोर्ट रैकेट पर लगाम लगाने के लिए आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

-अनुज मिश्रा की रिपोर्ट

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Delhi News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article