दिल्ली

अटका दिल्ली का बजटः AAP का केंद्र पर आरोप, CM ने PM को खत लिख कहा- 'ऐसा हुआ' पहली बार, क्यों हैं नाराज?

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 21, 2023, 09:26 AM IST

केंद्र बनाम दिल्ली सरकार की लड़ाई में दिल्ली का बजट लीक हो गया है। आम आदमी पार्टी ने कहा है कि विज्ञापन के खर्च में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। केंद्र सरकार झूठ बोल रही है।

Delhi Budget News: दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) और केंद्र सरकार के बीच एक बार फिर टकराव की स्थिति है। इस बार मामला दिल्ली सरकार के बजट पर आकर अटक गया है। ऐसा पहली बार हुआ है कि दिल्ली सरकार का बजट पेश होने से पहले ही रोक दिया गया है। सीएम केजरीवाल ने इसे लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है तो गृह मंत्रालय की ओर से भी बड़ा दावा किया गया है।

गृह मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि केजरीवाल सरकार ने साल 2023-24 के बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर से ज्यादा विज्ञापन पर खर्च का प्रावधान किया है, जिस कारण बजट पर रोक लगा दी गई है और इसको लेकर मंत्रालय ने दिल्ली सरकार से स्पष्टीकरण भी मांगा है। हालांकि, आम आदमी पार्टी की सरकार ने इस दावे को खारित करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार इस मामले में झूठ बोल रही है।

कहां फंसा बजट पर पेंच?

सूत्रों का कहना है कि दिल्ली सरकार की ओर से जो बजट तैयार किया गया था, उसमें विकास कार्यों से ज्यादा खर्च विज्ञापन पर किया जा रहा था। इस पर गृह मंत्रालय ने आपत्ति जताई और केजरीवाल सरकार से स्पष्टीकरण मांगा। हालांकि, जब सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया, मंत्रालय ने बजट पर रोक लगा दी। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि गृह मंत्रालय ने 17 मार्च को बजट के प्रावधानों पर आपत्ति जताई थी।

यह बात बोली केजरीवाल सरकार

गृह मंत्रालय की ओर से किए गए दावों को अरविंद केजरीवाल सरकार ने खारिज किया है। सरकार का कहना है कि गृह मंत्रालय इस मामले में झूठ बोल रहा है। आप सरकार की ओर से कहा गया है कि दिल्ली सरकार का कुल बजट 78800 करोड़ का है। इस में 2200 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च होने थे, जबकि विज्ञापन पर 550 करोड़ रुपये खर्च का प्रावधान किया गया था। पार्टी का कहना है कि विज्ञापन के बजट में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, पिछले साल भी विज्ञापन पर इतना ही खर्च किया गया था। बजट पेश न किए जाने की जानकारी आम आदमी पार्टी की ओर से दी गई थी। पार्टी के ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कहा गया था कि दिल्ली में कल बजट पेश नहीं होगा। भारत के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि कल दिल्ली सरकार का बजट पेश होना था और आज शाम केंद्र सरकार ने बजट पर रोक ला दी। सीधे गुंडागर्दी चल रही है।

PM को दिल्ली CM ने खत लिख पूछा- क्यों हैं नाराज?

उधर, दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने कहा है- देश के 75 साल के इतिहास में पहली बार किसी राज्य का बजट रोका गया। आप हम दिल्ली वालों से क्यों नाराज हैं? 'प्लीज, दिल्ली बजट मत रोकिए। दिल्ली वाले आपसे हाथ जोड़कर प्रार्थना कर रहे हैं कि हमारा बजट पास कर दीजिए।

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प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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