दिल्ली नगर निगम के चुनाव के प्रचार के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन ने बिजली को लेकर आम आदमी पार्टी के केजरीवाल सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। माकन का आरोप है की केजरीवाल के बिजली मॉडल की वजह से दिल्ली बेरोजगारी बढ़ी, और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला। माकन ने निजी कंपनियों द्वारा मनमाने तरीके से टैरिफ वसूलने का आरोप लगाया है।
अजय माकन ने आज दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में एक प्रेस वार्ता कर कहा की पूरे देश में सबसे ज्यादा बिजली का रेट दिल्ली में है। माकन के केजरीवाल के बिजली मॉडल को BBB मॉडल कहा जिसका मतलब है बिजली,बेरोजगारी और भ्रष्टाचार मॉडल। माकन ने कहा की केजरीवाल के इस मॉडल का खुलासा कांग्रेस गुजरात में भी करेगी। माकन ने इस मौके पर बिजली भ्रष्टाचार को लेकर बुकलेट भी जारी किया। उन्होंने कहा की पिछले पांच सालों में दिल्ली में बिजली का प्रति यूनिट रेट 2.45 रुपया बढ़ा है।
अजय माकन ने बिजली कंपनियों में भ्रष्टाचार का खुलासा करते हुए कहा की आम आदमी पार्टी ने कोषाध्यक्ष और सांसद एन डी गुप्ता के बेटे को बिजली कंपनी में डायरेक्टर बनाया। माकन का आरोप है की केजरीवाल की बिजली मॉडल को वजह से भ्रष्टाचार तो बढ़ा ही, 30 फर्जी उपभोक्ता के नाम पर करोड़ का घोटाला भी हुआ।माकन का आरोप है की पिछले एक साल में जब बिजली वितरण कंपनियों को 1746 करोड़ का मुनाफा कमाया है तो फिर बिजली का रेट क्यों बढ़ाया जा रहा है। उनका ये भी कहना था की बिना ऑडिट के केजरीवाल सरकार निजी कंपनियों को फायदा पहुंचा रही है। जबकि आम आदमी पार्टी ने अपने मैनिफेस्टो में सरकारी कंपनियों को सब्सिडी देने की बात कही थी। उन्होंने कहा जितना मुनाफा निजी कंपनियों को दिया जा रहा है उस से लोगों की 500 यूनिटी बिजली फ्री में दी जा सकती है।
माकन ने कहा की 2014 से 2019 के बीच दिल्ली में 2638 फैक्ट्रियां बंद हुई या पलायन कर गए। इसकी वजह से दिल्ली में 1 लाख 38 हजार लोगों की नौकरियां चली गई। उन्होंने कहा की दिल्ली का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर जो 12 परसेंट के दर से बढ़ रहा था वो अब बाइट छह सालों में 1 परसेंट से नीचे आ गया है। माकन ने ये भी याद दिलाया की शीला दीक्षित सरकार द्वारा निजीकरण की वजह से दिल्ली में बिजली की चोरी आज 8.9 पोरतिशत है जबकि 2002 में ये आंकड़ा 45 प्रतिशत के आस पास हुआ करता था।
दिल्ली MCD चुनाव में कांग्रेस तीसरे नंबर की पार्टी है। विधानसभा में उनकी शून्य सीटें है। शिला दीक्षित के बाद से दिल्ली कांग्रेस आपसी गुटबाजी और वर्चस्व को लड़ाई में फसा है। ऐसे में हर नेता अपना अलग अलग एजेंडा बनाकर अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहा है। अजय माकन शीला सरकार में मंत्री रहे हैं। इसलिए उन्होंने बिजीली के निजीकरण और टैरिफ की पूरी जानकारी है। इसलिए आज वो केजरीवाल सरकार को बिजली, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरना चाहते हैं। लेकिन बड़ा सवाल MCD चुनाव में इसे नैरिटिव बनाने के लिए पहले दिल्ली कांग्रेस को एकजुट होना होगा , तभी दिल्ली की जनता भी उन पर विश्वास करेगी।
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