दिल्ली

Delhi Air Pollution: केवल CNG, इलेक्ट्रिक और BS-6 बसों को दिल्ली में अनुमति, अन्य पर रहेगा प्रतिबंध; AQI 290 तक पहुंचा

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण की स्थिति के मद्देनजर सीएनजी, बिजली और बीएस-6 डीजल से चलने वाली बसों को छोड़कर अन्य यात्री बसों के राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है।

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दिल्ली के वायु प्रदूषण के स्तर में सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी सतर्क रहने की जरूरत

Delhi News: दिल्ली के वायु प्रदूषण के स्तर में सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है। वायु गुणवत्ता में सुधार के बाद दिल्ली में ग्रेप -4 की पाबंदियां हटा ली गयी है। लेकिन ग्रेप-1 , ग्रेप-2 और ग्रेप-3 की पाबंदियां अभी लागू रहेंगी। दिल्ली में निर्माण एवं विध्वंस कार्यों पर अभी रोक लगी रहेगी। साथ ही बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल गाड़ियों के संचालन पर प्रतिबंध जारी रहेगा।

दिल्ली का एक्यूआई पहुंचा 290

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय के मुताबिक फिलहाल दिल्ली में सिर्फ सीएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस-6 बसें ही आ सकती है। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि हॉटस्पॉट पर विशेष निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही पानी के छिड़काव लगातार करने का आदेश दिया गया है।

राय ने कहा कि दिल्ली के अंदर प्रदूषण के स्तर में पिछले दो दिनों से लगातार सुधार देखा जा रहा है। रविवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 290 तक पहुंच गया है। उन्होंने दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत के लोगों से निवेदन किया कि प्रदूषण में सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी हमें सतर्क रहने की जरूरत है।

बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल गाड़ियों पर रहेगा प्रतिबंध

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि सीएक्यूएम के आदेश के अनुसार, दिल्ली में ग्रेप -4 की पाबंदियां को हटा दी गई है। ट्रकों की एंट्री पर प्रतिबंध हटा लिया गया है। लेकिन ग्रेप-1, ग्रेप-2 और ग्रेप-3 की पाबंदियां अभी लागू रहेंगी। बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल एलएमवी (4 पहिया वाहन) के संचालन पर प्रतिबंध लागू रहेगा। एनसीआर से दिल्ली में सिर्फ सीएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस-6 बसें ही आ सकती है।

राय ने बताया कि ग्रेप-3 के तहत दिल्ली में निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर प्रतिबंध लागू रहेगा। निर्माण तथा विध्वंस पर बैन से कुछ विभागों को छूट है, लेकिन उन्हें निर्माण तथा विध्वंस के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना पड़ेगा। रेलवे स्टेशन, मेट्रो, हवाई अड्डे, राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित निर्माण तथा विध्वंस साइट, अंतर्राज्यीय बस अड्डे, अस्पताल, सड़क एवं राजमार्ग, फ्लाईओवर, बिजली, सीवर लाइन, स्वचछता परियोजनाओं पर निर्माण संबंधी छूट रहेगी।

Delhi Air Pollution

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इसके साथ-साथ दिल्ली के अंदर जो इंटीरियर वर्क है, जैसे प्लम्बिंग, बिजली फिटिंग और फर्नीचर के काम की छूट रहेगी। निर्माण तथा विध्वंस स्थलों पर बोरिंग, ड्रिलिंग, खुदाई तथा भराई के काम पर अभी पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। निर्माण एवं बिल्डिंग संचालन सहित तमाम संरचनात्मक निर्माण कार्य हैं, उस पर पूरी तरह बैन रहेगा।

विध्वंस के कार्य पर पूरी तरह बैन रहेगा। निर्माण तथा विध्वंस साइट पर लोडिंग-अनलोडिंग पर बैन रहेगा। कच्चे माल के स्थानांतरण पर बैन रहेगा। कच्ची सड़कों पर वाहनों के आने-जाने पर बैन रहेगा।

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Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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