दिल्ली

Delhi Blast: कानूनी शिकंजे में आतंकी नेटवर्क, ओखला में अल-फलाह यूनिवर्सिटी के दफ्तर पर जांच एजेंसी का छापा

केंद्रीय जांच एजेंसी ने मंगलवार सुबह दिल्ली के ओखला स्थित यूनिवर्सिटी के कार्यालय पर छापा मारा। दिल्ली ब्लास्ट के तीन डॉक्टर इसी यूनिवर्सिटी के हैं। इनमें से एक डॉक्टर मोहम्मद उमर की 10 नवंबर को हुए लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट में मौत हो गई। यूनिवर्सिटी की फंडिंग की भी जांच की जा रही है।

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ओखला स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के दफ्तार पर छापा। तस्वीर-ANI

Photo : ANI

Delhi terror blast case: दिल्ली विस्फोट मामले में जांचच एजेंसियां आतंकी नेटवर्क पर तेजी से अपना शिकंजा कस रही हैं। संदेह के घेरे में आई फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ भी जांच जारी है। इसी क्रम में एक केंद्रीय जांच एजेंसी ने मंगलवार सुबह दिल्ली के ओखला स्थित यूनिवर्सिटी के कार्यालय पर छापा मारा। दिल्ली ब्लास्ट के तीन डॉक्टर इसी यूनिवर्सिटी के हैं। इनमें से एक डॉक्टर मोहम्मद उमर की 10 नवंबर को हुए लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट में मौत हो गई। यूनिवर्सिटी की फंडिंग की भी जांच की जा रही है।

यूनिवर्सिटी को दिल्ली पुलिस ने दो समन जारी किए

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने सोमवार को आतंकी मॉड्यूल मामले की मौजूदा जांच और जालसाजी एवं धोखाधड़ी के लिए विश्वविद्यालय के खिलाफ दर्ज दो मामलों के संबंध में अल फलाह विश्वविद्यालय के अध्यक्ष को दो समन जारी किए।

धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में दो प्राथमिकी दर्ज

यह समन तब भेजा गया जब जांचकर्ताओं ने पाया कि विश्वविद्यालय के चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी का बयान संस्थान के कामकाज और उससे जुड़े व्यक्तियों की गतिविधियों से संबंधित कई विसंगतियों को स्पष्ट करने के लिए महत्वपूर्ण है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (एनएएसी) द्वारा शनिवार को गंभीर चिंता जताए जाने के बाद अपराध शाखा ने हरियाणा स्थित इस विश्वविद्यालय के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में दो प्राथमिकी दर्ज की।

यूनिवर्सिटी पर कसा कानूनी एजेंसियों का शिकंजा

अधिकारियों ने बताया कि दोनों नियामक निकायों ने विश्वविद्यालय के मान्यता संबंधी दावों की समीक्षा के बाद ‘बड़ी अनियमितताओं’ को चिन्हित किया तथा अपने निष्कर्ष कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंप दिए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘ये प्राथमिकियां विश्वविद्यालय द्वारा मान्यता संबंधी कथित झूठे दस्तावेजों और दावों से संबंधित हैं। मामले की विस्तार से जांच की जा रही है।’ पुलिस सूत्रों ने बताया कि सिद्दीकी को समन जारी करना व्यापक जांच का हिस्सा है, जो पिछले सप्ताह लाल किले के पास हुए विस्फोट की चल रही जांच से संबंधित है।

माना जा रहा है कि विस्फोट से जुड़े कई संदिग्धों का विश्वविद्यालय से संबंध रहा है, जिसके कारण जांचकर्ताओं को संस्थागत रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और प्रशासनिक स्वीकृतियों की जांच करनी पड़ रही है। मामले की जांच जारी है।

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Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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