Delhi Metro: दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने अप्रैल से जून महीने के दौरान मेट्रो परिसर में रील बनाने सहित अन्य नियम उल्लंघन करने को लेकर 1,600 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि पिछले वर्ष की इस अवधि के मुकाबले इस वर्ष मामलों की संख्या में तीन फीसदी की वृद्धि हुई है।
रील बनाने समेत इन अपराधों के लिए मामले दर्ज
डीएमआरसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सिर्फ और सिर्फ रील बनाने को लेकर कितने लोग नामजद किए गए हैं, इसका कोई अलग आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। नियम उल्लंघन की दूसरी घटनाओं में ट्रेन के फर्श पर बैठना और ट्रेन के भीतर खाना खाने समेत अन्य अपराध शामिल हैं।
इस साल अधिक मामले दर्ज
आंकड़ों के मुताबिक, मेट्रो रेलवे (परिचालन और रखरखाव) अधिनियम की धारा 59 के तहत 1,647 मामले दर्ज किए गए हैं।
पिछले वर्ष इस अवधि के दौरान यह संख्या 1,600 रही थी। आंकड़ों के मुताबिक, डीएमआरसी ने अप्रैल, मई और जून में क्रमश 610, 518 और 519 मामले दर्ज किए जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 528, 485 और 587 रही थी।
क्या बोले डीएमआरसी के अधिकारी?
डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक विकास कुमार ने बताया कि इन लोगों पर मेट्रो परिसर में नियमों के उल्लंघन को लेकर मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हम अपने तंत्र का इस्तेमाल करते हैं ताकि मेट्रो परिसर में इस तरह की घटनाएं न हों। हमारे यहां दंड का प्रावधान है। अगर कोई मेट्रो परिसर में नियमों का उल्लंघन करता है तो हम उसे दंडित कर सकते हैं। यह एक सतत प्रक्रिया है और जितना अधिक आप इसे करते रहेंगे, उतना ही लोग हतोत्साहित होंगे।
कुमार ने कहा कि लेकिन समस्या यह है कि हमारे पास हर एक कोने की जांच करने के लिए पर्याप्त कर्मचारी नहीं हैं। अगर मेट्रो में प्रतिदिन 67 लाख यात्री सफर करते हैं तो इतनी बड़ी संख्या में लोगों की निगरानी करना आसान नहीं है। हमारे पास सीसीटीवी है, जिसके माध्यम से हम परिसर में कुछ भी होने पर पता लगा सकते हैं। डीएमआरसी ने कई मेट्रो स्टेशनों पर पोस्टर भी लगाए हैं, जिनमें यात्रियों से रील न बनाने और दूसरों के लिए असुविधा उत्पन्न न करने को कहा गया है।
इनपुट- भाषा
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