Delhi AQI Update: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को ठंड और कोहरे के साथ वायु गुणवत्ता चिंता का विषय बनी हुई है। सुबह के समय शहर के कई हिस्सों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कुछ उड़ानों के संचालन में देरी देखी गई। मौसम की इस स्थिति ने आम जनजीवन के साथ-साथ हवाई यातायात को भी प्रभावित किया।
AQI ‘खराब’ श्रेणी में
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 260 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। अलग-अलग इलाकों की बात करें तो अक्षरधाम में AQI करीब 294 और आईटीओ क्षेत्र में 251 रिकॉर्ड किया गया। प्रदूषण का यह स्तर खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए जोखिम बढ़ा रहा है। आनंद विहार में AQI सबसे ज्यादा दर्ज की गई, जो 319 थी और सबसे कम AQI IGI एयरपोर्ट का रहा, जो 147 रिकॉर्ड किया गया।
कम हवा और सर्दी ने बढ़ाई परेशानी
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक ठंड के मौसम में हवा की रफ्तार कम रहने से पॉल्यूटेंट्स जमीन के पास ही फंसे रहते हैं। यही वजह है कि बीते कुछ दिनों की राहत के बाद एक बार फिर दिल्ली की हवा बिगड़ गई। रविवार को AQI 300 के पार पहुंच गया था, जिसे ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रखा गया।
NCR में भी बिगड़े हालात
दिल्ली से सटे नोएडा और गुरुग्राम में भी वायु गुणवत्ता बेहद खराब रही। दोनों शहरों में AQI रविवार को 300 से ऊपर दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि क्षेत्रीय प्रदूषण और मौसम की स्थिति मिलकर राजधानी और आसपास के इलाकों में हवा को और जहरीला बना रही है।
प्रदूषण के बड़े स्रोत कौन से?
IITM पुणे के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में PM2.5 प्रदूषण में सबसे बड़ा योगदान वाहनों से निकलने वाले धुएं का है। इसके बाद औद्योगिक गतिविधियां प्रमुख कारण हैं। घरेलू ईंधन, कचरा जलाना, निर्माण कार्य और सड़क की धूल भी प्रदूषण बढ़ाने में भूमिका निभा रहे हैं। पड़ोसी जिलों से आने वाला प्रदूषण भी हवा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रहा है।
मौसम का मिजाज और आगे का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में अधिकतम तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री के बीच बना हुआ है। आने वाले दिनों में आसमान साफ रहने की संभावना है, हालांकि सुबह और रात के समय हल्का से मध्यम कोहरा छाया रह सकता है। ऐसे में फिलहाल हवा की गुणवत्ता में बड़े सुधार की उम्मीद कम है।
