शहर

डॉग शेल्टर से लेकर माइक्रोचिपिंग तक... MCD बजट में आवारा कुत्तों पर करोड़ों के खर्च की तैयारी

दिल्ली नगर निगम (MCD) ने आवारा कुत्तों के प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आगामी बजट में बड़े कदम उठाने की योजना बनाई है। 2026-27 के बजट अनुमान में तीन नए डॉग शेल्टरों के विस्तार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। द्वारका सेक्टर-29 में 2.5 एकड़ जमीन पर शेल्टर विकसित हो रहा है, जो शुरुआती चरण में 1500 आक्रामक कुत्तों को रखने में सक्षम होगा। बिजवासन और बेला रोड पर भी शेल्टर प्रस्तावित हैं। इसके अलावा, माइक्रोचिपिंग और टीकाकरण के लिए 35 करोड़ रुपये अलग से तय किए गए हैं।

Image

आवारा कुत्तों के प्रबंधन पर MCD का बड़ा कदम (सांकेतिक चित्र)

Delhi News: राजधानी दिल्ली में पिछले साल दस लाख आवारा कुत्तों के प्रबंधन को लेकर दिल्ली नगर निगम (MCD) की क्षमता पर सवाल उठ रहे थे। अब दिल्ली में आवारा कुत्तों की लगातार बढ़ती संख्या और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर नगर निगम अब बड़े कदम की तैयारी में है। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, MCD अपने आगामी बजट में डॉग शेल्टर को और बेहतर करने के लिए अलग से बजट आवंटित करने जा रहा है।

डॉग शेल्टर के लिए 10 करोड़ का प्रस्ताव

MCD के अधिकारियों के मुताबिक 2026-27 के बजट अनुमान (Budget Estimate) में करीब 10 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। यह राशि दिल्ली में प्रस्तावित तीन डॉग शेल्टर के विस्तार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर खर्च की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि शहर में बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते हैं, ऐसे में शेल्टर की क्षमता बढ़ाना जरूरी हो गया है।

कहां बनेंगे शेल्टर

नगर निगम द्वारा द्वारका सेक्टर-29 में करीब 2.5 एकड़ जमीन पर डॉग शेल्टर विकसित किया जा रहा है। यह शेल्टर शुरुआती चरण में लगभग 1500 आक्रामक कुत्तों को रखने में सक्षम होगा। इसके अलावा बिजवासन और बेला रोड में भी दो नए शेल्टर प्रस्तावित हैं। बिजवासन में 14 और बेला रोड में 40 केनेल बनाए जाने का प्लान है। इन शेल्टरों से एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटरों की क्षमता भी बढ़ेगी।

आवारा कुत्तों के प्रबंधन और सुरक्षा पर फोकस

MCD का कहना है कि नए शेल्टर से आवारा कुत्तों के बेहतर प्रबंधन के साथ-साथ लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। निगमायुक्त अश्विनी कुमार के अनुसार, अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच 54 हजार से अधिक आवारा कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। इसके अलावा आगामी बजट में माइक्रोचिपिंग और टीकाकरण के लिए भी करीब 35 करोड़ रुपये अलग से तय किए गए हैं। इन योजनाओं के जरिए नगर निगम दिल्ली में आवारा कुत्तों से जुड़ी समस्याओं को व्यवस्थित और मानवीय तरीके से सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

बता दें, कि माइक्रोचिपिंग की प्रक्रिया में जानवरों की त्वचा के नीचे एक खास चिप लगाया जाता है, जिसमें उसके टीकाकरण का इतिहास, स्थान और पहचान जैसी जानकारी दर्ज रहती है। आवारा कुत्तों की आबादी को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने के लिए ये पहल अच्छी साबित होने की उम्मीद है। PTI के मुताबिक MCD इसमें सीधे तौर पर 20 करोड़ रुपये खर्च करेगा, जबकि शेष 15 करोड़ रुपये उन गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के माध्यम से खर्च किए जाएंगे, जिन्हें पशु कल्याण में काम करने का अनुभव है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

और पढ़ें
End of Article