Delhi Bus Rape Case: दिल्ली की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बस गैंगरेप मामले में बस के ड्राइवर और कंडक्टर के खिलाफ गंभीर धाराओं में आरोप तय कर दिए हैं। दोनों आरोपियों पर दुष्कर्म, नाबालिग के अपहरण और POCSO एक्ट समेत कई धाराओं के तहत मुकदमा चलेगा। अदालत ने इस मामले में 24 अक्टूबर से सुनवाई शुरू करने का आदेश दिया है। इस पूरी कार्यवाही को बंद कमरे (In-camera trial) में चलाया जा रहा है।
पर्याप्त सामग्री मिलने पर कोर्ट ने तय किए आरोप
तीस हजारी स्थित फास्ट ट्रैक कोर्ट की विशेष POCSO जज सोनम गुप्ता ने बुधवार को दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए। अदालत ने प्रथम दृष्टया पर्याप्त सामग्री मिलने के बाद मामले को ट्रायल के लिए आगे बढ़ाया है। पुलिस ने इस मामले में 18 सितंबर को चार्जशीट दाखिल की थी, जिस पर अदालत ने 24 सितंबर को संज्ञान लिया था। करीब 400 पन्नों की चार्जशीट में अभियोजन पक्ष के 50 गवाहों के बयान और फॉरेंसिक रिपोर्ट शामिल हैं।
DNA जांच में आरोपियों के सैंपल मैच
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों के DNA सैंपल पीड़िता के कपड़ों और बस से मिले नमूनों से मैच हुए हैं। जांच के दौरान बाल और वीर्य के नमूने एकत्र किए गए थे, जिन्हें फॉरेंसिक साइंस लैब में टेस्ट के लिए भेजा गया था। पुलिस के मुताबिक, FSL रिपोर्ट में इन नमूनों की पुष्टि हुई और रिपोर्ट को चार्जशीट का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस ने कहा था कि मेडिकल जांच और DNA संबंधी फॉरेंसिक रिपोर्ट से नाबालिग के यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई है।
ग्रेटर नोएडा से बस में सवार हुई थी नाबालिग
पुलिस के मुताबिक, बस मेनपुरी से दिल्ली की ओर जा रही थी। नाबालिग ग्रेटर नोएडा से बस में सवार हुई थी। आरोप है कि ग्रेटर नोएडा से कश्मीरी गेट के बीच आरोपी बस को करीब 47 किलोमीटर तक घुमाते रहे थे। जिसके बाद उसे कश्मीरी गेट के पास ISBT के नजदीक बस से नीचे फेंक दिया गया। पीड़िता की शिकायत के आधार पर कश्मीरी गेट मेट्रो थाना पुलिस ने FIR दर्ज की थी। मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने बस की तलाश शुरू की। बाद में बस तिमारपुर के एक पार्किंग स्थल पर मिली और पुलिस ने चालक कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार किया।
POCSO और BNS की धाराओं में चार्जशीट
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 70(2), 87, 127(2), 137(2), 3(5) और POCSO एक्ट की धारा 5(g) तथा 6 के तहत चार्जशीट दाखिल की है। इनमें 18 साल से कम उम्र की लड़की से गैंगरेप, अवैध यौन संबंध के लिए अपहरण, गलत तरीके से बंधक बनाने, अपहरण, साझा मंशा और नाबालिग से गंभीर यौन अपराध से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
