Delhi Electricity Rate: दिल्लीवालों के लिए अगले महीने की शुरुआत बिजली बिल के झटके के साथ हो सकती है। दरअसल अप्रैल से बिजली दरों में बढ़ोत्तरी होने की संभावना जताई जा रही है। जिसकी वजह ये है कि सरकार बिजली कंपनियों (डिस्कॉम) के बकाए का भुगतान करने की तैयारी कर रही है। न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि डिस्कॉम पर कुल 38 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है, जिसे चरणबद्ध तरीके से चुकाया जाएगा।
दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेरटी कमीशन (DERC) के डाटा के मुताबिक, दिल्ली में कुल रेगुलेटरी एसेट्स 38,552 करोड़ रुपये तक पहुंच चुके हैं। इसमें बीआरपीएल (BRPL) पर 19,174 करोड़ रुपये, बीवाईपीएल (BWPL) पर 12,333 करोड़ रुपये और टीपीडीडीएल (TPDDL) पर 7,046 करोड़ रुपये का बकाया शामिल है। यह पैसा उन खर्चों का है, जो कंपनियों ने पिछले कई सालों में बिजली सप्लाई के लिए किए थे, जिसका भुगतान उन्हें अभी तक नहीं मिल पाया।
दिल्ली में 10 सालों से नहीं बढ़ा बिजली का दाम
दिल्ली में पिछले 10 सालों में बिजली के दाम नहीं बढ़ाए गए, जिसके कारण यह बकाया लगातार बढ़ता गया। इस पर ब्याज भी जुड़ने से यह रकम और ज्यादा हो गई। सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2025 में आदेश दिया था कि यह बकाया सात साल के अंदर कंपनियों को दिया जाए। इसके लिए एक स्पष्ट रिकवरी प्लान भी तैयार किया जाए।
सरकार ने रकम की भरपाई के लिए बनाया प्लान
इस रकम की भरपाई बिजली बिल में 'रेगुलेटरी एसेट सरचार्ज' के रूप में की जाएगी, यानी आने वाले समय में लोगों के बिजली का बिल थोड़ा बढ़ सकता है। हालांकि, सरकार ने यह भी कहा है कि वह लोगों को राहत देने के लिए सब्सिडी की योजना भी बना रही है, जिससे आम लोगों पर ज्यादा बोझ न पड़े। दिल्ली के बिजली मंत्री आशीष सूद ने पहले ही संकेत दिए थे कि डिस्कॉम कंपनियों को करीब 27,000 करोड़ रुपये की वसूली की अनुमति दी गई है, जिससे बिजली के रेट में बढ़ोतरी लगभग तय मानी जा रही है।
(PTI)
