वैसे तो मुजस्समा का मतलब मूर्ति होता है। मूर्ति भी कोई ऐसी-वैसी नहीं, बहुत ही खूबसूरत। खूबसूरती की बात हो रही है तो दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को कैसे भूल सकते हैं। खासतौर पर दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का गणेशपुर सेक्शन, जो हर लिहाज से अद्भुत मुजस्समा है। इकोनॉमिक कॉरिडोर के इस हिस्से की खूबसूरती देखकर आप भी इसकी तारीफ किए बिना नहीं रह पाएंगे। खास बात ये भी है कि भले ही दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पूरी तरह से आम जनता को समर्पित न हुआ हो, लेकिन इस गणेशपुर सेक्शन पर गाड़ियां फर्राटा भर रही हैं।
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर करीब 210 किमी लंबा है और गणेशपुर-देहरादून सेक्शन की लंबाई करीब 20 किमी है। इस इकोनॉमिक कॉरिडोर को एडवांस स्तर की सड़क सुरक्षा और ग्रेट सेपरेटेड क्रॉसिंग्स के साथ बनाया जा रहा है। प्रोटेक्टिव बेरियर्स और आधुनिक साइनेज के साथ ही यह एक एक्सेस कंट्रोल्ड रोड है। इसका मतलब है कि शानदार स्पीड, बेहतरीन सुरक्षा के साथ ही इस पर जगह-जगह कट नहीं हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा भी कम हो जाता है। यह सब बातें मिलाकर दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर यात्रा को सुरक्षित और आरामदायक बनाती हैं।
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का गणेशपुर सेक्शन अपनी खूबसूरती के लिए पहचान बनाएगा। यहां दोनों पर घने जंगलों से बीच से गुजरती आधुनिक सड़क और उस पर फर्राटा भरती गाड़ियां अद्भुत नजारा पेश करेंगी। एक अच्छी बात यह है कि 100 किमी की रफ्तार के लिए तैयार किए जा रहे इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के कारण यहां के जंगली जीवों को परेशान नहीं होना पड़ेगा, क्योंकि यहां वाइल्डलाइफ कॉरिडोर बनाए गए हैं।
NHAI ने एक ट्रक ड्राइवर की क्लिप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर की है। इस वीडियो क्लिप में ट्रक ड्राइवर का कहना है कि जब से यह हाईवे तैयार हुआ है, तब से टाइम की बचत बहुत ज्यादा हो रही है। उन्होंने बताया कि वह ढाई से तीन घंटे में दिल्ली से देहरादून पहुंच जा रहे हैं। ट्रक ड्राइवर संतोष यादव का कहना है कि पुरानी सड़क पर जब कोई बड़ा वाहन खराब हो जाता था तो वह फंस जाते थे।
