Delhi Crime: देश की राजधानी दिल्ली में अपराध की दो अलग-अलग घटनाओं से सनसनी फैल गई है। दिल्ली पुलिस ने जहां शालीमार बाग इलाके में हुए एक मर्डर केस की गुत्थी को महज कुछ ही घंटों में सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं न्यू अशोक नगर इलाके में दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) की एक असिस्टेंट प्रोफेसर अपने फ्लैट में मृत पाई गईं। पुलिस दोनों मामलों की सघन जांच में जुटी है।
चाकूबाजी में दो शातिर अपराधी गिरफ्तार
पहली घटना दिल्ली के शालीमार बाग इलाके की है, जहां बीसी ब्लॉक के पास आपसी विवाद में कुछ बदमाशों ने एक युवक पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल युवक को तुरंत फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने इसकी सूचना पुलिस (Delhi Police) को दी। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर तुरंत जांच शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज खंगालने, तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों से मिली सटीक जानकारी के आधार पर पुलिस ने भागने की फिराक में लगे दो आरोपियों को दबोच लिया। आरोपियों की पहचान सौरभ उर्फ 'तोला' और सचिन उर्फ 'चिड्डी' के रूप में हुई है। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल चाकू और खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों पकड़े गए आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है।
डीयू की असिस्टेंट प्रोफेसर का शव फ्लैट में मिला
दूसरी दिल दहला देने वाली घटना वसुंधरा एन्क्लेव के सत्यम अपार्टमेंट की है। यहां दिल्ली यूनिवर्सिटी के शिवाजी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर देवोस्मिता पॉल (Debosmita Paul murder case)अपने फ्लैट में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गईं। पुलिस के अनुसार, देवोस्मिता पिछले 4-5 सालों से इस फ्लैट में अकेली रहती थीं और जरूरत का ज्यादातर सामान ऑनलाइन डिलीवरी के जरिए ही मंगाती थीं।
घटना का खुलासा तब हुआ जब देवोस्मिता ने अपनी मां से आखिरी बार फोन पर बात की, लेकिन उसके बाद से उनका फोन लगातार स्विच ऑफ आने लगा। परेशान होकर जब उनकी बहन देवराती पॉल फ्लैट पर पहुंचीं, तो दरवाजा बाहर से लॉक था। शक होने पर उन्होंने ताला तोड़ा, तो अंदर देवोस्मिता का शव पड़ा हुआ था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल भेज दिया है और हत्या का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब अपार्टमेंट के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और पिछले कुछ दिनों में वहां आने वाले ऑनलाइन डिलीवरी एजेंट्स व अन्य संदिग्धों की लिस्ट तैयार कर जांच को आगे बढ़ा रही है।
