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2020 दिल्ली दंगा साजिश मामले में उमर खालिद को बड़ा झटका; कड़कड़डूमा कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

दिल्ली दंगा साजिश मामले में न्यायिक हिरासत में बंद उमर खालिद को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने उसे अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया है।

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उमर खालिद

दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 दिल्ली दंगा साजिश मामले में न्यायिक हिरासत में बंद उमर खालिद को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। उमर खालिद ने अपने दिवंगत मामा के चहलुम में शामिल होने और बीमार मां की देखभाल के लिए 15 दिन की अंतरिम जमानत मांगी थी।

याचिका में कहा गया था कि उमर खालिद के मामा खुर्शीद अहमद खान का 10 अप्रैल 2026 को निधन हो गया था और 24 मई को उनका चहलुम आयोजित होना है। साथ ही उनकी मां लंबे समय से बीमार हैं और उन्हें 2 जून को सर्जरी करानी है।

उमर खालिद की ओर से अदालत को बताया गया कि उनके पिता 71 वर्ष के हैं और मां की देखभाल करने की स्थिति में नहीं हैं। परिवार में पांच बहनें हैं, जिनमें से चार शादीशुदा हैं और अलग-अलग जगह रहती हैं। ऐसे में परिवार के सबसे बड़े बेटे होने के नाते मां की देखभाल की जिम्मेदारी उन्हीं पर है।

बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि इससे पहले भी उमर खालिद को कई बार अंतरिम जमानत मिली थी और उन्होंने कभी किसी शर्त का उल्लंघन नहीं किया। सह-आरोपियों को भी पारिवारिक कारणों से राहत दी जा चुकी है।

हालांकि, विशेष लोक अभियोजक ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी अदालत की नरमी का फायदा उठा रहा है। अभियोजन ने कहा कि मामा का चहलुम ऐसा कारण नहीं है जिसके लिए अंतरिम जमानत दी जाए। साथ ही मां की सर्जरी सामान्य प्रकृति की है और परिवार के अन्य सदस्य उनकी देखभाल कर सकते हैं।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि हर अंतरिम जमानत याचिका का मूल्यांकन उसके तथ्यों के आधार पर किया जाता है और केवल उचित एवं जरूरी परिस्थितियों में ही राहत दी जा सकती है। अदालत ने माना कि मामा के चहलुम में शामिल होना “इतना आवश्यक” नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि संबंध इतना निकट होता तो आरोपी अंतिम संस्कार के समय ही राहत मांगता।

मां की सर्जरी के संबंध में अदालत ने कहा कि उमर खालिद की बहनें और पिता उनकी देखभाल के लिए मौजूद हैं। कोर्ट ने यह भी माना कि सर्जरी मामूली प्रकृति की है और उसमें आरोपी की उपस्थिति आवश्यक नहीं दिखती।

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Gaurav Srivastav
गौरव श्रीवास्तव author

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुना... और देखें

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