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Dehi News: पक्षपात के आरोपों पर दिल्ली कोर्ट ने मजिस्ट्रेट को जारी किया नोटिस, मांगा जवाब; दो मामलों की सुनवाई पर रोक

Dehi News: दिल्ली कोर्ट ने पक्षपात और प्रक्रिया में अनियमितता के आरोपों पर दो आपराधिक मामलों की सुनवाई पर रोक लगा दी। मामले में अदालत ने संबंधित मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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अदालत का फैसला।

Dehi News: दिल्ली की एक अदालत ने दो आपराधिक शिकायत मामलों में कथित पक्षपात और प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों के बाद कार्यवाही पर रोक लगा दी है। साथ ही संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी कर सीलबंद लिफाफे में जवाब मांगा गया है।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय कुमार दहिया ने आरोपियों की ओर से दायर ट्रांसफर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। वे दो अलग-अलग आपराधिक शिकायत से संबंधित मामलों में दायर स्थानांतरण याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने न्यायिक मजिस्ट्रेट कोमल से सीलबंद लिफाफे में जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया। याचिकाओं में आरोप लगाया गया था कि मामलों की सुनवाई कर रहीं न्यायिक मजिस्ट्रेट कोमल के समक्ष निष्पक्ष सुनवाई को लेकर आशंका है।

साथ ही नौ जून के अपने आदेश में अदालत ने फिलहाल दोनों मामलों की सुनवाई पर रोक लगा दी। सुनवाई के दौरान अदालत ने गौर किया कि याचिकाओं में पीठासीन अधिकारी के खिलाफ पक्षपात के आरोप लगाए गए थे और निर्देश दिया कि स्थानांतरण याचिका की एक प्रति संबंधित मजिस्ट्रेट को भेजी जाए।

इनमें से एक याचिका 'अद्विक कैपिटल लिमिटेड बनाम फेयरप्लान डिस्ट्रीब्यूटर्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य’ मामले में आरोपी अमित सरावगी ने दायर की है, जबकि दूसरी याचिका 'राजेश कुमार कौशिक बनाम विपिन शर्मा और अन्य’ मामले में दयानंद राय ने दाखिल की है।

याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि समन जारी करने से पहले की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही आरोपियों को नोटिस भेज दिए गए थे और दावा किया कि इन मामलों में असामान्य रूप से जल्दबाजी की जा रही थी। अमित सरावगी की याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि कारोबारी विकास गर्ग और उनकी कंपनियों से जुड़े कई शिकायत मामले एक ही अदालत में कम अंतराल पर सूचीबद्ध किए जा रहे थे, जिससे पक्षपात की आशंका पैदा हुई।उन्होंने यह आशंका भी जताई कि अगर मामले उसी अदालत में चलते रहे, तो उनके मामले में निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो पाएगी।

फिलहाल, आरोपों की वैधता पर कोई राय व्यक्त किए बिना, जिला न्यायाधीश ने निचली अदालत के रिकॉर्ड को मंगवाया और अगली सुनवाई की तारीख तक दोनों शिकायत मामलों में आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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