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सीएम रेखा गुप्ता ने पेश किया आर्थिक सर्वे 2025-26; अर्थव्यवस्था 13.27 लाख करोड़ तक, प्रति व्यक्ति आय 5.31 लाख

दिल्ली विधानसभा बजट सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया, जिसमें राजधानी के तीव्र विकास, मजबूत वित्तीय स्थिति और जनकल्याणकारी नीतियों को उजागर किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य दिल्ली को एक विश्वस्तरीय, समावेशी और रहने योग्य शहर बनाना है, जहां हर नागरिक की आकांक्षाएं पूरी हों।

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सीएम रेखा गुप्ता ने पेश किया आर्थिक सर्वे 2025-26 (फोटो: PTI)

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Delhi Economic Growth 2025-26: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश करते हुए राजधानी के तेज विकास, मजबूत वित्तीय स्थिति और जनकल्याणकारी नीतियों को उजागर किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य दिल्ली को एक विश्वस्तरीय, समावेशी और रहने योग्य शहर बनाना है, जहां हर नागरिक की आकांक्षाएं पूरी हों। दिल्ली की अर्थव्यवस्था (GSDP) 2025-26 में 13.27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले साल के मुकाबले 9.42% की मजबूत वृद्धि दर्शाता है। वहीं प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 5.31 लाख रुपये हो गई है, जो राष्ट्रीय औसत से करीब ढाई गुना अधिक है। गौरतलब है कि, पिछले वर्षों (2023-24 और 2024-25) में प्रति व्यक्ति आय की वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत से थोड़ी धीमी रही।

दिल्ली में सेवा क्षेत्र बना रीढ़

दिल्ली की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का 86.32% योगदान है, वहीं, उद्योग का 12.88% और कृषि का 0.80%। राज्य का राजस्व अधिशेष भी बरकरार है, जो करीब 9661 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। इसी के साथ वायु प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों से “अच्छे” और “संतोषजनक” हवा वाले दिनों की संख्या 2018 के 159 से बढ़कर 2025 में 200 हो गई है।

ऊर्जा और उद्योग में तेजी

ऊर्जा और उद्योग क्षेत्र में तेजी देखने को मिल रही है। बिजली की अधिकतम मांग 5,846 मेगावाट से बढ़कर 8,442 मेगावाट तक पहुंच गई है, साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता भी बढ़कर 509 मेगावाट हो गई है, जिसमें सौर ऊर्जा और वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट्स का योगदान शामिल है। इसके अलावा विनिर्माण क्षेत्र में भी लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।

परिवहन में बड़ा विस्तार

दिल्ली मेट्रो में रोजाना करीब 67 लाख यात्री सफर कर रहे हैं, जो राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। शहर में कुल बसों की संख्या लगभग 6,100 है, जिनमें 4,338 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं और इनकी संख्या तेजी से बढ़ रही है। इससे साफ है कि दिल्ली हरित परिवहन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

हर घर तक पानी, मुफ्त सुविधा जारी

वहीं जल आपूर्ति के क्षेत्र में भी मुफ्त सुविधा जारी है। राजधानी के करीब 93.5% घरों तक पाइपलाइन से पानी पहुंच चुका है। 20 किलोलीटर तक मुफ्त पानी योजना के तहत लगभग 18.91 लाख उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे हैं, जिससे आम लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।

शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में शानदार प्रदर्शन

दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है। 10वीं कक्षा का परिणाम 97.7% और 12वीं कक्षा का परिणाम 98.3% दर्ज किया गया है। साथ ही छात्रों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए 75 नए CM श्री स्कूल भी शुरू किए गए हैं। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा भी लगातार बढ़ाया जा रहा है। राजधानी में 40 विशेषज्ञ अस्पताल और 370 आयुष्मान केंद्र संचालित हो रहे हैं। अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़कर 15,659 तक पहुंच गई है, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज और सुविधाएं मिल रही हैं।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से राहत

दिल्ली में सामाजिक कल्याण योजनाओं के तहत बड़ी संख्या में लोगों को लाभ मिल रहा है। करीब 4.40 लाख वरिष्ठ नागरिकों को सहायता प्रदान की गई है, वहीं 4.09 लाख महिलाओं और लगभग 1.40 लाख दिव्यांगजनों को भी विभिन्न योजनाओं के जरिए सहयोग मिल रहा है। PDS के जरिए करीब 72.21 लाख लोगों तक राशन पहुंचाया जा रहा है। राजधानी में 1,953 राशन दुकानें संचालित हैं और लगभग 17.18 लाख राशन कार्डधारकों को मुफ्त अनाज और चीनी की सुविधा लगातार दी जा रही है।

दिल्ली आर्थिक सर्वे 2025-26 की मुख्य बातें

  • दिल्ली की अर्थव्यवस्था (GSDP) 13.27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान, 9.42% की वृद्धि।
  • प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 5.31 लाख रुपये हुई, जो राष्ट्रीय औसत से करीब 2.5 गुना ज्यादा है।
  • दिल्ली की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का सबसे बड़ा योगदान (86.32%), उद्योग 12.88% और कृषि 0.80%।
  • राज्य का राजस्व अधिशेष (Revenue Surplus) करीब 9661 करोड़ रुपये रहने का अनुमान।
  • कुल 1 लाख करोड़ रुपये के बजट में से 59,300 करोड़ रुपये विकास योजनाओं पर खर्च।
  • वायु प्रदूषण में सुधार‘अच्छे दिन’ 2018 के 159 से बढ़कर 2025 में 200 हो गए।
  • पशुपालन सेवाओं में विस्तार पशु उपचार संख्या बढ़कर 5.45 लाख से ज्यादा हुई।
  • विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र में लगातार वृद्धि2025-26 में 50,144 करोड़ रुपये का अनुमान।
  • पर्यटन में दिल्ली का प्रदर्शन मजबूत विदेशी पर्यटकों में 9.55% हिस्सेदारी के साथ देश में छठा स्थान।
  • बिजली की मांग बढ़कर 8442 मेगावाट पहुंची, नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 509 मेगावाट।
  • परिवहन में सुधार दिल्ली में 6100 बसें, जिनमें 4338 इलेक्ट्रिक बसें शामिल।
  • मेट्रो में रोजाना लगभग 67 लाख यात्री सफर कर रहे हैं।
  • 93.5% घरों में पाइप से पानी, 20 KL तक मुफ्त पानी योजना से 18.91 लाख उपभोक्ता लाभान्वित।
  • शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार स्कूल रिजल्ट 98% तक, अस्पतालों में बेड संख्या बढ़कर 15,659 हुई।
  • कृषि और पशुपालन के लिए 46 पशु चिकित्सालय, 25 औषधालय और 3 मोबाइल यूनिट सक्रिय।
  • दिल्ली में “अटल कैंटीन” की शुरुआत दिसंबर 2025 से अब तक 73 कैंटीन संचालित।
  • गर्मियों में जल उत्पादन करीब 1000 MGD प्रतिदिन बनाए रखा जा रहा है।
  • 15,700 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन और 123+ जलाशयों से 2.5 करोड़ आबादी को पानी सप्लाई।
  • दिल्ली जल बोर्ड की जल शोधन क्षमता 2025 तक 961 MGD तक पहुंची।
  • सीवरेज नेटवर्क 11,040 किमी परिधीय और 200 किमी ट्रंक सीवर लाइन।
  • शिक्षा में 1270 सरकारी/सहायता प्राप्त स्कूल, कुल स्कूलों का 22.85% हिस्सा।
  • सरकारी स्कूलों में 39.75% छात्रों का नामांकन।
  • 75 ‘सीएम श्री विद्यालय’ शुरू, जो नई शिक्षा नीति (NEP 2020) पर आधारित हैं।
  • उच्च व तकनीकी शिक्षा में 4664 सीटों की प्रवेश क्षमता।
  • स्वास्थ्य सेवाओं में 40 बड़े अस्पताल, 98 एलोपैथिक डिस्पेंसरी और 370 आयुष्मान आरोग्य केंद्र।
  • प्रति 1000 लोगों पर अस्पताल बेड बढ़कर 2.84 हुए।
  • 1.40 लाख विशेष आवश्यकता वाले व्यक्तियों को भी वित्तीय सहायता।
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत 1953 राशन दुकानें संचालित।
  • 17.18 लाख राशन कार्ड के जरिए 72.21 लाख लोगों को खाद्यान्न मिल रहा है।
  • अंत्योदय अन्न योजना (AAY) में 35 किलो अनाज और 1 किलो चीनी मुफ्त दी जा रही है।

दिल्ली में सामाजिक सुरक्षा योजना

दिल्ली में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत वरिष्ठ नागरिकों को उम्र के आधार पर मासिक सहायता दी जा रही है। 60 से 69 वर्ष आयु वर्ग को ₹2,000 प्रति माह और 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों को ₹2,500 प्रति माह की आर्थिक मदद प्रदान की जाती है। इसके अलावा SC/ST और अल्पसंख्यक वर्ग के लाभार्थियों को ₹500 अतिरिक्त सहायता भी दी जाती है। इन योजनाओं का लाभ करीब 4.40 लाख वरिष्ठ नागरिकों और लगभग 4.09 लाख संकटग्रस्त महिलाओं को मिल रहा है, जिससे उनके जीवनयापन में आर्थिक सहारा मिल रहा है।

bhawana gupta
भावना किशोरauthor

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यूज़ नेशन, इंडिया न्यूज़, टीवी 9 भारतवर्ष और ज़ी न्यूज़, न्यूज 18 में काम करने का अनुभव. अभी Times Now में Special correspondent हैं.दिल्ली सरकार, स्वास्थ्य ,रेल, कल्चरल, शिक्षा मंत्रालयों के साथ दिल्ली क्राइम ,पॉलिटिक्स और राजधानी की हर छोटी बड़ी खबरों पर खास तौर से नजर रखती हैं. लोगों से जुड़ी खबरों पर काम करने और लोगों तक सही और सटीक खबरें पहुंचाने को अपना मकसद मानती हैं।

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