Delhi Blast Probe: दिल्ली में हुए विस्फोट की जांच के संबंध में जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) विंग ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। विस्फोट के तार तलाशने के लिए CIK ने अब पूरे कश्मीर क्षेत्र में सघन छापेमारी शुरू कर दी है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इस मॉड्यूल के तार कश्मीर से जुड़े हो सकते हैं, जिसके बाद यह व्यापक अभियान चलाया गया है।
CIK के इस व्यापक अभियान के दौरान अब तक तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। इन संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है ताकि विस्फोट के लिए जिम्मेदार लोगों, उनके संचालकों (हैंडलर्स) और फंडिंग स्रोतों आदि संबंधित और अधिक जानकारी जुटाई जा सके। जांच एजेंसियां कश्मीर में आतंकी नेटवर्क और दिल्ली में सक्रिय मॉड्यूल के बीच किसी भी संभावित कड़ी की तलाश कर रही हैं, और उम्मीद है कि गिरफ्तार व्यक्तियों के पूछताछ के बाद कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी जारी
CIK और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने घाटी में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई के दौरान, काजीगुंड में हुई एक छापेमारी में डॉ. वहीद नामक एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह समूचा अभियान फरीदाबाद मॉड्यूल से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क की खोजबीन का हिस्सा है। जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि विभिन्न डॉक्टरों और अन्य व्यक्तियों का इस आतंकी मॉड्यूल से क्या संबंध था और वे किस तरह से एक-दूसरे के संपर्क में थे। जांच को लेकर अधिकारियों ने जानकारी दी है कि गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत, उन्होंने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से जुड़े आतंकवादी सहयोगियों और 'ओवरग्राउंड वर्कर्स' (OGWs) के ठिकानों पर भी तलाशी अभियान चलाया है।
