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देहरादून में भी है राष्ट्रपति का आशियाना, अप्रैल से आम जनता के लिए खोला जाएगा

देहरादून स्थित राष्ट्रपति आशियाना को अप्रैल 2025 में आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। 186 साल पहले बने आशियाना में पहली बार आम जनता को एंट्री मिलेगी। इसके लिए तैयारियां शुरू करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने निर्देश दिए हैं। यहां पर स्वादिष्ट भोजन का लुत्फ भी पर्यटक ले पाएंगे।

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देहरादून राष्ट्रपति आशियाना

Photo : Twitter

देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उनसे पहले के सभी राष्ट्रपति दिल्ली स्थिति राष्ट्रपति भवन में रहते आए हैं। दिल्ली के विशालकाय राष्ट्रपति भवन के अलावा भारत के राष्ट्रपति के पास देश के कई अन्य हिस्सों में भी रहने के लिए भव्य आशियाने होते हैं। ऐसा ही एक आशियाना उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भी है। देहरादून के इस राष्ट्रपति निवास का नाम ही आशियाना है। देहरादून में राजपुर रोड पर मौजूद ऐतिसाहिक राष्ट्रपति आशियाना को जल्द ही आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। चलिए जानते हैं इसके बारे में सब कुछ -

आम लोगों के लिए कब खुलेगा आशियाना

राष्ट्रपति आशियाना को अप्रैल 2025 में आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसके निर्देश दिए हैं। शनिवार 23 नवंबर को राष्ट्रपति सचिवालय के अधिकारी देहरादून पहुंचे। राष्ट्रपति सचिवालय के अपर सचिव डॉ. राकेश गुप्ता के नेतृत्व में अधिकारियों ने राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक की और आशियाना में आम जनता के लिए जरूरी सुविधाएं जुटाने के निर्देश दिए।

186 साल बाद खुल जनता के लिए

देहरादून स्थित राष्ट्रपति आशियाना के लिए 21 एकड़ के क्षेत्रफल को अभी PBG इस्तेमाल कर रही है, जबकि पूरा आशियाना 237 एकड़ में फैला है। इस परिसर का इस्तेमाल आजादी के बाद से अब तक राष्ट्रपति बॉडीगार्ड (PBG) करते रहे हैं। अब 186 साल पुराने इस राष्ट्रपति आशियाना को आम जनता के लिए खोला जाएगा। तय किया गया है कि राष्ट्रपति आशियाना के मुख्य भवन में भी आम लोग प्रवेश कर पाएंगे।

यहां आने वाले पर्यटकों को राष्ट्रपति आशियाना की खूबसूरती तो देखने को मिलेगी ही। साथ ही भारतीय सेना की 251 साल पुरानी रेजीमेंट PBG के इतिहास के बारे में भी जानने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा यहां पर 186 साल पुराना अस्तबल यानी घोड़ों के रहने की जगह भी है, जिसे पर्यटक देख सकते हैं।

लजीज भोजन का भी लुत्फ लेंगे

यहां आने वाले पर्यटक न सिर्फ राष्ट्रपति आशियाना के खूबसूरत गार्डन र मुख्य परिसर की सैर करेंगे, बल्कि यहां के कैफेटेरिया में लजीज भोजन का लुत्फ भी उठा पाएंगे। यहां पर पर्यटकों के लिए पार्किंग की भी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

उत्तराखंड सरकार में सचिव सचिन कर्वे का कहना है कि राष्ट्रपति आशियाना को जनता के लिए खोले जाने से उन्हें भारत की समृद्ध संस्कृति से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। बता दें कि राष्ट्रपति आशियाना को 1838 में बनाया गया था। इसे देश के गवर्नर जनरल के बॉडीगार्ड के घोड़ों के लिए ग्रीष्मकालीन शिविर के तौर पर बनाया गया था, ताकि उन्हें दिल्ली की गर्मी से राहत मिल सके। देश की आजादी के बाद भी राष्ट्रपति के अंगरक्षकों ने इसका इस्तेमाल करना जारी रखा।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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