Dehradun BJP Councillor House Robbery: देहरादून में भाजपा पार्षद के घर हुई सनसनीखेज लूट की वारदात ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। आरोप है कि घर में मौजूद परिवार के सदस्यों को नशीला पदार्थ पिलाने के बाद नौकर और उसके साथियों ने घर से लाखों रुपये की नगदी और सोने के जेवरात पर हाथ साफ कर दिया और मौके से फरार हो गए। वारदात के बाद भाजपा पार्षद अमिता सिंह, उनके पति महिपाल सिंह और बेटे शुभम की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद तीनों को इलाज के लिए सिनर्जी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना से जुड़ा CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग घर के अंदर आते जाते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि फुटेज में संदिग्ध नौकर भी घर के अंदर घूमता नजर आ रहा है। पुलिस अब CCTV फुटेज को जांच का अहम आधार बनाकर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है
25 दिन पहले ही रखा था नौकर
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि वारदात को घर में मौजूद नौकर ने अंजाम दिया, बताया जा रहा है कि नेपाल निवासी इस नौकर को पार्षद की बेटी मेघा ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए करीब 25 दिन पहले ही घरेलू कामकाज के लिए रखा था। मेघा दिल्ली में रहती हैं। परिवार के मुताबिक ऑनलाइन माध्यम से नौकर की जानकारी जुटाने और संपर्क के बाद उसे घर में काम पर रखा गया था। महज 25 दिनों के अंदर नौकर ने परिवार का भरोसा हासिल कर लिया और इसके बाद कथित तौर पर इसी भरोसे का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया गया।
पहले नशीला पदार्थ, फिर घर में लूट
आरोप है कि वारदात को अंजाम देने से पहले घर में मौजूद परिवार के सदस्यों को नशीला पदार्थ पिलाया गया। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिवार के सदस्य जब अस्वस्थ हुए तो इसी दौरान घर से नगदी और सोने के जेवरात समेत कीमती सामान लेकर आरोपी फरार हो गए। घटना के बाद जब परिवार के सदस्यों की हालत बिगड़ी तो मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने CCTV फुटेज समेत दूसरे संभावित सुराग जुटाने शुरू कर दिए हैं।
CCTV में दिखे संदिग्ध, पुलिस खंगाल रही फुटेज
लूट की इस वारदात में CCTV फुटेज पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकता है। फुटेज में कुछ संदिग्ध घर में दाखिल होते और बाहर निकलते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात के समय घर में कौन-कौन मौजूद था। पुलिस की जांच इस बात पर भी है कि संदिग्ध नौकर ने अकेले वारदात को अंजाम दिया या उसके साथ पहले से जुड़े अन्य लोग भी इस पूरी साजिश में शामिल थे। CCTV में नजर आ रहे अन्य संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
वारदात से पहले घर की रेकी की थी या नहीं?
घटना के बाद से संदिग्ध नौकर फरार बताया जा रहा है। ऐसे में उसकी तलाश पुलिस के लिए सबसे अहम कड़ी बन गई है। पुलिस उसके मोबाइल नंबर, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए हुए संपर्क, संभावित ठिकानों और घटना से पहले तथा बाद की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नौकर ने वारदात से पहले घर की रेकी की थी या नहीं और क्या उसे घर में मौजूद नगदी और जेवरात की पहले से जानकारी थी।
तीन पुलिस टीमों का गठन
घटना के खुलासे के लिए देहरादून पुलिस ने तीन टीमों का गठन किया है। पुलिस टीमें संदिग्ध नौकर के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। इसके साथ ही CCTV फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है दिल्ली से भी पुलिस पड़ताल कर रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि नौकर को ऑनलाइन हायर करने की प्रक्रिया में उपलब्ध कराई गई उसकी पहचान और दस्तावेज कितने सही थे और उसने परिवार को अपनी पहचान से जुड़ी क्या जानकारी दी थी।
पुलिस के सामने कई सवाल
इस वारदात ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। आखिर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए घर में काम करने पहुंचा नौकर महज 25 दिनों में परिवार का भरोसा हासिल करने के बाद इतनी बड़ी वारदात को कैसे अंजाम देने में कामयाब हुआ? क्या उसने पहले से पूरी वारदात की योजना बनाई थी? क्या उसके साथ दूसरे लोग भी शामिल थे? परिवार को नशीला पदार्थ किस तरह दिया गया और लूट के बाद आरोपी किस रास्ते से फरार हुए?इन सभी सवालों के जवाब पुलिस की जांच के बाद ही सामने आएंगे।
सबसे बड़ी चुनौती फरार नौकर को पकड़ना
एसपी सिटी शेखर चंद सुयाल के मुताबिक पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपियों की तलाश के लिए तीन पुलिस टीमें लगाई गई हैं और CCTV समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। फिलहाल पुलिस की सबसे बड़ी चुनौती फरार संदिग्ध नौकर को पकड़ना है। उसके पकड़े जाने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि लूट की इस वारदात की पूरी साजिश क्या थी और इसमें कितने लोग शामिल थे।
