शहर

Rain in Karnataka: मूसलाधार बारिश से लबालब भरे बांध, उफान पर नदियां; कावेरी बेसिन में नहीं समा रहा पानी

Rain in Karnataka: दक्षिण भारत में झमाझम बारिश से नदियां उफान पर हैं। ज्यादातर बांध भी पानी से लबालब हो गए हैं। पहले कावेरी बेसिन में पानी का प्रवाह 98,577 क्यूसेक था, जबकि जल निकासी 70,645 क्यूसेक थी।

Image

प्रतिकात्मक

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

बेंगलुरु: कर्नाटक के अधिकांश बांध पिछले कुछ दिनों से प्रमुख नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण लबालब भर गए हैं। पश्चिमी घाट के तटीय और मलनाड क्षेत्र में पिछले 15 दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण यहां से निकलने वाली कई नदियां उफान पर हैं। कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र (केएसएनडीएमसी) के अनुसार, कावेरी बेसिन में पानी का प्रवाह 98,577 क्यूसेक था जबकि जल निकासी 70,645 क्यूसेक थी।

तमिलनाडु के साथ कानूनी लड़ाई की तैयारी

124 फुट के जलाशय स्तर वाले कृष्णा राजा सागर (केआरएस) बांध में वर्तमान में 123.2 फुट पानी है। कावेरी नदी घाटी के अन्य बांध हारंगी, हेमवती और काबिनी भी लबालब भर गए हैं। कावेरी नदी घटी में बारिश ऐसे समय में हुई है जब कर्नाटक में कम बारिश को लेकर चिंता थी और राज्य पानी को लेकर पड़ोसी तमिलनाडु के साथ कानूनी लड़ाई की तैयारी कर रहा था।

कावेरी जल विवाद (Cauvery Water Dispute)

कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) ने कर्नाटक को जुलाई के अंत तक पड़ोसी राज्य तमिलनाडु के लिए एक टीएमसी फुट पानी छोड़ने का निर्देश दिया था। केआरएस बांध का दौरा करने के बाद कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने कहा कि सीडब्ल्यूआरसी ने राज्य को 11 जुलाई से महीने के अंत तक 20 टीएमसी पानी छोड़ने का निर्देश दिया है।

इन बांधों से छोड़ा जा रहा पानी

शिवकुमार ने कहा कि इंद्रदेव हम पर मेहरबान हैं और मां कावेरी मंथर गति से बह रही है। कर्नाटक सीमा पर तमिलनाडु के बिलिगुंडलू में पहले ही 30 टीएमसी पानी बह चुका है। हमारे बांध पूरी तरह से भर गए हैं और हम पानी छोड़ रहे हैं। कृष्णा नदी घाटी में भद्रा, तुंगभद्रा, घाटप्रभा, मालाप्रभा, अलमाटी और नारायणपुरा बांध लगभग भर चुके हैं और इन बांधों से पानी छोड़ा जा रहा है।

इन छह बांधों की सकल क्षमता 422.45 टीएमसी है जबकि सोमवार को 312.96 टीएमसी का भंडारण था। पिछले साल आज ही के दिन 129.59 टीएमसी पानी का भंडारण था। तीन जल विद्युत परियोजना बांध लिंगनमक्की, सुपा और वरही तथा वाणी विलास सागर भी पूरी तरह भर गए हैं।

(इनपुट- भाषा)

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!