CM Yogi Adityanath 10th Budget: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि उत्तर प्रदेश के इतिहास में यह पहला अवसर है जब किसी मुख्यमंत्री को लगातार दसवीं बार बजट प्रस्तुत करने का मौका मिला है। बजट सत्र के अंतिम दिन, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय सहित अन्य सदस्यों द्वारा की गई चर्चा का उत्तर देते हुए उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
साल 2017 में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री पद संभाला था। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने दोबारा जीत दर्ज कर लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सरकार की ओर से 11 फरवरी को विधानसभा में लगातार दसवां बजट पेश किया गया। राज्य के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्त वर्ष 2026–27 के लिए 9.13 लाख करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग 12.2 प्रतिशत अधिक है।
बजट सत्र की चर्चा का समापन
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि लंबे समय के बाद बजट सत्र ने दो सप्ताह की कार्यवाही पूरी करते हुए समापन की ओर कदम बढ़ाया है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष की सराहना करते हुए कहा कि जिस दक्षता और संतुलन के साथ सदन की कार्यवाही संचालित की गई, वह प्रशंसनीय है। साथ ही बजट पर हुई चर्चाओं में सदस्यों द्वारा दिखाई गई गंभीरता और सक्रिय भागीदारी को भी उन्होंने सार्थक बताया। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा के माध्यम से लोकतंत्र को सशक्त बनाने की जो पहल हुई है, वह सराहनीय है। इसके लिए उन्होंने सभी सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए हृदय से अभिनंदन व्यक्त किया।
आपसी संवाद और चर्चा से समस्याओं का समाधान
योगी आदित्यनाथ ने सदन में कहा कि वे अपने सहयोगी, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा प्रस्तुत बजट पर हुई चर्चा के लिए सभी का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने बताया कि नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय और वरिष्ठ सदस्य शिवपाल सिंह यादव सहित अन्य अनुभवी विधायकों ने अपने विचार रखे और बहस में सक्रिय भागीदारी की। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सदस्यों की सहभागिता से यह स्पष्ट हुआ है कि विधायिका, लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था के रूप में, अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि समस्याओं का समाधान आपसी संवाद और चर्चा के जरिए ही संभव है।
बैंकिंग संस्थानों को है भरोसा
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश का वित्तीय प्रबंधन सुदृढ़ और प्रभावी है, जिसके चलते देशभर के बैंकिंग संस्थान उत्तर प्रदेश पर भरोसा जता रहे हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 2016–17 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय करीब ₹43,000 के आस-पास थी, जो मौजूदा वित्तीय वर्ष के अंत, यानी 31 मार्च तक बढ़कर 1 लाख 20 हजार रुपये से ज्यादा हो गई है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि 43 हजार और 1 लाख 20 हजार रुपये के बीच का अंतर अपने आप में साफ तौर से प्रगति को दर्शाता है।
कई मायनों में खास है बजट
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2026–27 का बजट कई मायनों में खास है, क्योंकि पहली बार कोई मुख्यमंत्री लगातार दसवीं बार बजट प्रस्तुत कर रहा है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च के बाद नए बजट के अनुरूप सभी विभाग अपनी-अपनी कार्ययोजनाएं तैयार रखेंगे और उसे प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने उल्लेख किया कि वर्ष 2016–17 में राज्य का राजकोषीय घाटा 4 प्रतिशत से अधिक था, जबकि अब लक्ष्य है कि 2026–27 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था 40 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचाई जाए।
बजट के लिए नहीं लिया कर्ज
सीएम ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश ऐसा राज्य है जिसने अपने बजट के लिए किसी बैंक या वित्तीय संस्था से कर्ज नहीं लिया। इसके विपरीत, सरकार ने 86 लाख किसानों का एक-एक लाख रुपये तक का ऋण माफ किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में आधारभूत संरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है और सड़क नेटवर्क का विस्तार तेजी से हुआ है। उनका कहना था कि जिस राज्य के पास व्यापक बुनियादी ढांचा, सस्ता और कुशल मानव संसाधन होगा, वही बड़े औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने में सफल हो सकेगा।
(इनपुट - भाषा)
