उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजीपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि गाजीपुर की धरती हमेशा राष्ट्रभक्ति, साहित्य और वीरता की प्रेरणा रही है। सीएम कहा कि आजादी की लड़ाई से लेकर देश की सीमाओं की रक्षा तक गाजीपुर के वीरों ने हमेशा महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि 1962, 1965, 1971 के युद्ध, 1999 के कारगिल युद्ध और हालिया ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों में भी गाजीपुर के जवानों ने देश की रक्षा में कोई संकोच नहीं किया।
गाजीपुर की पहचान पर बोले सीएम
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गाजीपुर ने कुबेरनाथ राय, गोपाल राय और गोपालराम गहमरी जैसे महान साहित्यिक विद्वानों को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि इतने महान विभूतियों को जन्म देने वाला गाजीपुर एक समय अपनी पहचान के संकट से जूझने लगा। उन्होंने सवाल किया कि आखिर ऐसा माहौल किसने बनाया कि लोग गाजीपुर का नाम लेने से भी डरने लगे।
सपा-कांग्रेस पर राष्ट्रनायकों की उपेक्षा का आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने राष्ट्रनायकों का सम्मान करने के बजाय विदेशी आक्रांताओं का महिमामंडन किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने महाराजा सुहेलदेव को सम्मान दिलाया। उन्होंने कहा कि पहले सालार मसूद के नाम पर मेले आयोजित होते थे, लेकिन उनकी सरकार ने यह परंपरा बंद कर महाराजा सुहेलदेव की स्मृति में आयोजन शुरू कराया। उन्होंने कहा कि "डबल इंजन की भाजपा-एनडीए सरकार राष्ट्रनायकों का सम्मान करती है, जबकि पहले आक्रांताओं को महिमामंडित किया जाता था।"
युवाओं की नौकरियों और कानून व्यवस्था पर हमला
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार और वसूली होती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि "चाचा-भतीजे की जोड़ी" भर्ती प्रक्रिया में सेंधमारी करती थी। सीएम ने दावा किया कि अब प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी है और योग्य युवाओं को बिना भेदभाव के रोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पहले त्योहारों पर दंगे और उपद्रव होना आम बात बन गई थी, लेकिन अब उत्तर प्रदेश की पहचान बदल चुकी है। सीएम योगी ने कहा, "अब यूपी में नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में है सब चंगा,"
माफिया के खिलाफ सख्त संदेश
सीएम योगी ने दोहराया कि उनकी सरकार ने अपराध और माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। उन्होंने कहा, "जो बेटी की सुरक्षा, व्यापारियों की सुरक्षा या युवाओं की नौकरी में सेंध लगाएगा, उसके लिए सिर्फ दो जगह हैं-जेल या जहन्नुम। तीसरी कोई जगह नहीं होगी।" उन्होंने कहा, "हमने कहा था माफिया को मिट्टी में मिलाएंगे और आज माफिया मिट्टी में मिल चुके हैं।"
सीएम ने कृष्णानंद राय का किया जिक्र
सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूर्व विधायक कृष्णानंद राय को याद करते हुए कहा कि उन्होंने माफियाओं के खिलाफ संघर्ष किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय सत्ता के संरक्षण में माफियाओं ने कृष्णानंद राय समेत सात लोगों की निर्मम हत्या की थी और लंबे समय तक उन्हें राजनीतिक संरक्षण मिलता रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने ऐसे अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर कानून का राज स्थापित किया है।
