उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने के साथ ही एक और बड़ी घोषणा की है। अब शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को 5 लाख रुपये तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जाएगी। शिक्षकों के परिवारों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए शिक्षकों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपना विवरण भरना होगा। डेटा फीड होने के एक सप्ताह के अंदर ही उनका कार्ड जारी कर दिया जाएगा।
यूपी में अब कितनी है अनुदेशकों की संख्या
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि साल 2011-12 में अनुदेशकों की नियुक्ति शुरू हुई थी। उस समय 13,769 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कुल 41,307 अनुदेशकों को नियुक्त किया गया था। तब उनका मानदेय 7 हजार रुपये प्रतिमाह था। वर्तमान में उनकी संख्या घटकर 24,296 रह गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की नींव मजबूत करने में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अगर नींव मजबूत नहीं होगी तो इमारत भी मजबूत नहीं बन सकती। उन्होंने कहा कि सरकार हमेशा से चाहती है कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को सम्मानजनक सुविधा और गरिमा मिले।
मुख्यमंत्री ने की अनुदेशकों की तारीफ
मुख्यमंत्री ने अनुदेशकों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने कभी अपनी मांगों को लेकर हिंसा या जबरदस्ती का रास्ता नहीं चुना। उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाई। जिस कारण सरकार को भी उनकी मांगें मानने में कोई हिचक नहीं हुई।
शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को मिलेगी आर्थिक राहत
सरकार की इस योजना से शिक्षकों के साथ उनके परिवारों को भी स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि बेसिक शिक्षा परिषद ने इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल बना लिया है। जिस पर सभी शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। सरकार का कहना है कि इस योजना से हजारों शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को आर्थिक राहत मिलेगी और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
