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Chamoli Cloudburst: उत्तराखंड के चमोली में बादल फटने से मची तबाही; मलबे में दबे कई मकान, 10 लोग लापता

उत्तराखंड के चमोली जिले के नंदानगर में बुधवार देर रात बादल फटने की घटना ने भारी तबाही हुई है। अबतक आई जानकारी के मुताबिक छह घर मलबे की चपेट में आ गए हैं और दस लोग लापता हैं, 2 लोगों को रेस्क्यू टीम ने बचा लिया है और बाकी लोगों की तलाश अभी जारी है।

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उफनी नदी के साथ आए मलबे में कई मकान दबे

Photo : Times Now Digital

Cloudburst News Chamoli: उत्तराखंड के चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में बुधवार देर रात बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचा दी। नंदप्रयाग के पास बसे नगर पंचायत नंदानगर देर रात दो जगह बादल फट गए। इस आपदा में नंदानगर के वार्ड कुंतरी लंगाफली और मोख घाटी के धुर्मा गांव में भी मोख नदी की बाढ़ से आधा दर्जन मकान मलबे की चपेट में आने से बर्बाद हो गए हैं। भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया और राहत और बचाव कार्य शुरू किया।

ये लोग हुए लापता

उत्तराखंड के चमोली जिले की तहसील घाट नंदानगर में बादल फटने से, कुल 10 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें ग्राम कुंतरी लगा फाली से आठ लोग शामिल हैं- कुंवर सिंह पुत्र बलवंत सिंह (42), उनकी पत्नी कांता देवी (38), उनके दोनों पुत्र विकास और विशाल (10 वर्ष), नरेंद्र सिंह पुत्र कुताल सिंह (40), जगदम्बा प्रसाद पुत्र ख्याली राम (70), उनकी पत्नी भागा देवी (65) और देवेश्वरी देवी पत्नी दिलबर सिंह (65)। वहीं, ग्राम धुरमा से भी दो लोगों के लापता होने की सूचना है, जिनकी पहचान गुमान सिंह पुत्र चन्द्र सिंह (75) और ममता देवी पत्नी विक्रम सिंह (38) के रूप में हुई है। राहत-बचाव दल ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 2 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। फिलहाल बाकी लोगों की तलाश जारी है।

राहत और बचाव कार्य तेज

मौके पर मेडिकल टीम पहुंच चुकी है और तीन 108 एम्बुलेंस भी रवाना की गई हैं। आपदा प्रबंधन विभाग ने राहत-बचाव कार्यों के लिए NDRF और SDRF की टीमें भी तैनात कर दी हैं। SDRF की टीम नंदप्रयाग पहुंच चुकी है, जबकि NDRF की एक टीम गोचर से नंदप्रयाग के लिए रवाना हो चुकी है। स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ ग्रामीण भी राहत कार्यों में सहयोग कर रहे हैं। फिलहाल प्राथमिकता लापता लोगों को ढूंढ़ने और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की है।

मौसम विभाग की चेतावनी

इस बीच मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई क्षेत्रों, जैसे देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, घनसाली, शिवपुरी, देवप्रयाग, ऋषिकेश, चंबा, मसूरी और धनोल्टी में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना जताई है। लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।

नुकसान का आकलन मुश्किल

बीती रात की तबाही के बाद प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। टीमें मौके पर पहुंचकर मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और लापता व्यक्तियों की तलाश में जुट गईं। साथ ही, चिकित्सा दल भी घटनास्थल पर तैनात हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता दी जा सके। मिली जानकारी के अनुसार, फिलहाल नुकसान का सटीक आंकलन करना संभव नहीं है। बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर सामने आएगी और असल नुकसान का पता चल पाएगा। करीब 15 दिनों पहले भी कुंतरी वार्ड में करीब 16 मकान जमीन धंसने और गहरी दरारें आने से खतरे की जद में आ गए थे जिसे देखते हुए वहां रहने वाले 64 लोगों को राहत शिविरों में भेजा गया था।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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