Kedarnath Dham Yatra: बाबा केदारनाथ के दर्शन का इंतजार कर रहे भक्तों के लिए अच्छी खबर है। आज केदारनाथ धाम के कपाट पूरे विधि-विधान के साथ सभी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। जिसके साथ ही द्वार मंदिर में भगवान शिव और 'बाबा केदार' के जयकारे गूंज उठे। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनी पत्नी गीता धामी के साथ समारोह में शामिल हुए। उन्होंने राज्य और यहां की जनता की खुशी और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। समारोह से पहले मंदिर को करीब 51 क्विंटल फूलों के साथ भव्यता से सजाया गया है। 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट विधि-विधान के साथ खोले जाएंगे। जिसके साथ ही चारधाम यात्रा 2026 (Char Dham 2026) की पूरी तरह से शुरुआत हो जाएगी। इस पवित्र यात्रा का शुभारंभ अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री के गेट खुलने के साथ ही 19 अप्रैल को हो चुकी है।
केदारनाथ में बर्फबारी से कड़ाके की ठंड
केदारनाथ धाम में अप्रैल में भी बर्फबारी हो रही है और कड़ाके की ठंड पड़ रही है। यहां ताजा बर्फबारी के बाद पूरा इलाका मोटी बर्फ की चादर से ढक गया है। इसके बावजूद हजारों श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने से पहले ही पहुंच चुके हैं। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कपाट खुलने पर श्रद्धालुओं से बाबा केदार और भगवान बद्रीनाथ का आशीर्वाद लेने के लिए दर्शन करने की अपील की। उन्होंने बताया कि भीड़ नियंत्रण के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और टोकन सिस्टम लागू किया गया है। एक तय SOP के तहत व्यवस्था की जा रही है, ताकि सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित, आसान और सुगम दर्शन मिल सके।
पीएम ने दी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं
केदारनाथ के कपाट खुलने पर पीएम मोदी ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, "देवभूमि उत्तराखंड की पवित्र धरती पर आज श्री केदारनाथ धाम के कपाट पूरे विधि-विधान के साथ हम सभी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। केदारनाथ धाम और चारधाम की यह यात्रा हमारी आस्था, एकता और समृद्ध परंपराओं का दिव्य उत्सव है। इन यात्राओं से हमें भारत की सनातन संस्कृति के दर्शन भी होते हैं। इस वर्ष चारधाम यात्रा के आरंभ उत्सव पर, उत्तराखंड आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए मैंने एक पत्र के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं। मेरी कामना है कि बाबा केदार सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और आपकी यात्राओं को शुभ करें। हर-हर महादेव!"
23 अप्रैल को खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट
बाबा केदारनाथ की डोली 20 अप्रैल को फाटा से गौरीकुंड के लिए रवाना हुई थी। 21 अप्रैल को डोली ने केदारनाथ धाम के लिए यात्रा शुरू की। सर्दियों के मौसम में भगवान केदारनाथ की मूर्ति 178 दिनों तक ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान रही। 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के लिए भी तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। मंदिर के कपाट 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
केदारनाथ में फोटो और वीडियो बनाने पर रोक
मंदिर समिति ने इस बार केदारनाथ धाम में सख्त नियम लागू किए हैं। मंदिर परिसर में करीब 50–70 मीटर के दायरे में मोबाइल, फोटोग्राफी, वीडियो रिकॉर्डिंग, रील्स और व्लॉगिंग पर पूरी तरह रोक रहेगी। यह नियम आम श्रद्धालु से लेकर यूट्यूबर, ब्लॉगर या वीआईपी सभी पर समान रूप से लागू रहेगा। दर्शन क्षेत्र में व्यवस्था बनाए रखने के लिए समिति ने यह कदम उठाया है।
