चण्डीगढ़

कब और किसने बसाया चंडीगढ़ , जानें सिटी ब्यूटीफुल को ये नाम कैसे मिला

देश की आजादी के बाद जो शहर सबसे पहले बसाया गया, वह चंडीगढ़ था। चंडीगढ़ को इतनी खूबसूरती से बसाया गया है कि इसे सिटी ब्यूटीफुल भी कहा जाता है। यह शहर प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का सपना था, जिसे फ्रांस के आर्किटेक्ट ने डिजाइन किया। आज भी चंडीगढ़ की खूबसूरती देखते ही बनती है।

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चंडीगढ़ शहर को आजादी के बसाया गया

Photo : Times Now Digital

15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ। आजादी के साथ देश को विभाजन का दंश भी झेलना पड़ा। देश का एक हिस्सा अलग होकर पाकिस्तान बना। उस समय पंजाब की राजधानी लाहौर के साथ ही एक बड़ा हिस्सा पश्चिमी पाकिस्तान में चला गया। पूर्वी पंजाब का हिस्सा भारत के हिस्से आया। देश की आजादी के बाद पंजाब की राजधानी के रूप में एक शहर बसाया गया। इस शहर का नाम चंडीगढ़ रखा गया। चंडीगढ़ को सितंबर 1953 में आधिकारिक तौर पर पंजाब की राजधानी बनाया गया। इससे पहले 1947 से 1953 तक पंजाब की राजधानी कहां रही? चंडीगढ़ को कब और किसने बसाया? चंडीगढ़ को उसका यह नाम कैसे मिला? और चंडीगढ़ का पूरा इतिहास क्या है? मेरा शहर और उसका इतिहास में आज चंडीगढ़ के बारे में जानते हैं सब कुछ -

शिमला बना अस्थायी राजधानी

देश की आजादी के समय जब लाहौर, पाकिस्तान के हिस्से में चला गया तो भारत में बचे पंजाब की राजधानी शिमला को बनाया गया। साल 1953 तक शिमला ही पूरे पंजाब की राजधानी रही। उस समय आज के हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्से और पूरा हरियाणा भी पंजाब का ही हिस्सा थे। हिमाचल को 1950 में पार्टी 'सी'और 1956 में केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। इसके बाद 1971 में हिमाचल को एक पूर्ण राज्य का दर्जा मिला। इसी तरह साल 1966 में पंजाब के ही एक हिस्से को अलग कर हरियाणा राज्य बनाया गया था।

पंडित जवाहर लाल नेहरू के सपनों का शहर

वापस अपने चंडीगढ़ की कहानी पर लौटते हैं। देश की आजादी के समय चंडीगढ़ जैसी कोई जगह भारत के नक्शे में नहीं थी। देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू चाहते थे कि पंजाब को राजधानी के रूप में एक नया आधुनिक शहर मिलना चाहिए। वह चाहते थे कि पंजाब की नई राजधानी लाहौर से भी खूबसूरत हो। नेहरू के सपने के चलते ही आज चंडीगढ़ देश के सबसे खूबसूरत शहरों में से एक है और इसे सिटी ब्यूटीफुल कहा जाता है।

फ्रांस के आर्किटेक्ट ने बनाया चंडीगढ़ का नक्शा

प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के सपने को सच करने के लिए इस क्षेत्र में खरार में 22 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया गया। साल 1952 में शहर की नींव रखी गई और शहर का नाम चंडीगढ़ रखा गया। चंडीगढ़ शहर को बसाने के लिए फ्रांस के मशहूर आर्किटेक्ट लॉ कर्बुशेयर (Le Corbusier) को नियुक्त किया गया। लॉ कर्बुशेयर ने शहर का डिजाइन पर चंडीगढ़ शहर ने आकार लेना शुरू किया। 7 अक्टूबर 1953 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने पंजाब की राजधानी के रूप में चंडीगढ़ का उद्घाटन किया। साल 1966 में हरियाणा के अलग राज्य बनने पर पंजाब और हरियाणा के बीच बसे चंडीगढ़ को दोनों राज्यों की राजधानी घोषित किया गया और केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया।

My City Chandigarh first planed city of india.

चंडीगढ़ देश के सबसे खूबसूरत शहरों में से एक

चंडीगढ़ का नाम कैसे पड़ा

शिवालिक की पहाड़ियों के निचले मैदानी इलाके में बसाया गया चंडीगढ़ शहर 20वीं सदी का देश का सबसे आधुनिक आर्किटेक्चर वाला शहर है। यह आजादी के बाद देश का पहला प्लान्ड शहर है। आज भी चंडीगढ़ की खूबसूरती लोगों को बहुत लुभाती है। यहां यह खूबसूरत शहर बसाया गया, वहीं पास में ही एक मशहूर 'चंडी देवी' का मंदिर है। चंडीगढ़ दो शब्दों के मिलने से बना है। इसमें चंडी शब्द शक्ति के देवी के नाम से लिया गया है, जबकि गढ़ का मतलब किले से है। इस तरह से इस खूबसूरत शहर को चंडीगढ़ नाम मिला।

हड़प्पा सभ्यता से भी है नाता

1892-93 के गैजेटियर के अनुसार जिस जगह चंडीगढ़ को बसाया गया, वह अंबाला जिले का हिस्सा थी। चंडीगढ़ भले ही आजादी के बाद बसा आधुनिक शहर हो। लेकिन इस जगह का इतिहास काफी पुराना है। आज जिस ढलानदार मैदान पर चंडीगढ़ शहर बसा है, वहां पर प्राचीन काल में दलदल से घिरी एक विशाल झील हुआ करती थी। यहां मिले जीवाश्म अवशेषों से पता चलता है कि यहां पर जलीय और उभय चर जीवन प्रचुर मात्रा में था। आज से लगभग 8000 साल पहले यहां पर हड़प्पा सभ्यता के लोग भी रहा करते थे।

शरणार्थियों को बसाने के लिए बसा शहर

मध्य काल के इतिहास की बात करें तो यह पंजाब में आता था, जो 1947 में आजादी के समय पूर्वी पंजाब और पश्चिमी पंजाब में बंट गया। इस शहर को सिर्फ पूर्वी पंजाब की राजधानी के रूप में नहीं बसाया गया। बल्कि पश्चिमी पंजाब से अपने घर-बार छोड़कर आने वाले हजारों शरणार्थियों को बसाने के लिए भी इस शहर को बसाया गया था।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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