चण्डीगढ़

Punjab Stubble Burning: पंजाब में 1360 जगहों पर जलाई गई पराली, 4 दिनों में तेजी से बढ़े आंकड़े

पंजाब में बीते चार दिनों में पराली जलाने के मामलों में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। शनिवार को 1360 जगहों पर पराली जलाने के मामले सामने आए। पराली जलाने से पंजाब की हवा की गुणवत्ता भी खराब होती जा रही है। शनिवार को सात शहरों का एक्यूआई खराब श्रेणी में रहा।

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पंजाब में पराली जलाने का सिलसिला जारी (फोटो साभार - ट्विटर)

Punjab Stubble Burning: पंजाब में पराली जलाने का सिलसिला लगातार जारी है। शनिवार को राज्य में पराली जलाने के 1360 मामले दर्ज किए गए। 3 नवंबर और 4 नवंबर को पंजाब में पराली जलाने की घटना सैटेलाइट तस्वीरों में भी देखने को मिली है। पिछले चार दिनों में राज्य में 6500 मामले पराली जलाने के संबंध में आ चुके है। पंजाब में अभी तक कुल 14173 पराली जलाई जा चुकी हैं।

4 दिन में तेजी से बढ़े आंकड़े

पंजाब में 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक पराली जलाने के कुल 7673 मामले थे। लेकिन बीते चार दिनों में इन आंकड़ों में तेजी से इजाफा हुआ है। अब ये आंकड़े बढ़कर 14000 के करीब पहुंच गए हैं। 1 नवंबर को पंजाब में 1921 पराली जलाने के मामले सामने आए। 2 नवंबर को 1668 जगह पराली जलाई गई। वहीं 3 नवंबर को 1551 और 4 नवंबर को 1360 मामले पराली जलाने के सामने आए हैं।

पंजाब की हवा हुई खराब

पंजाब में पराली जलाने के मामलों में इजाफा होने के साथ ही यहां की वायु की गुणवत्ता में गिरावट हो रही है। शनिवार को राज्य के सात शहरों की वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब श्रेणी में दर्ज की गई। इनमें बठिंडा सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा। शनिवार को बठिंडा का एक्यूआई 385 दर्ज किया गया। शुक्रवार को यहां का एक्यूआई 338 था। बंठिडा की तरह ही अन्य जिलों के एक्यूआई में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। पराली जलाने से यहां की हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है। जिससे सांस के मरीजों को सबसे ज्यादा समस्या हो रही है।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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