चण्डीगढ़

पंजाब में सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरे किसान, रेलवे ट्रैक किया जाम

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 2, 2023, 06:05 PM IST

पंजाब में बीते महीने बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसल को काफी नुकसान हुआ है। रविवार को सरकार से मुआवजे की मांग करते हुए किसान सड़क पर उतर आए और रेलवे ट्रैक जाम कर दिया।

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पंजाब मेंं किसानों ने रेलवे ट्रैक किया जाम

Photo : ANI

Punjab News: भारी बारिश के कारण खेती का नुकसान झेल रहे किसान रविवार को सड़क पर उतर आए। केंद्र व पंजाब सरकार के खिलाफ गुस्साए किसानों ने गुरदासपुर के बटाला में प्रदर्शन किया और रेलवे ट्रैक जाम कर दिया। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के बैनर तले किसानों ने इस दौरान दोनों सरकारों के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।

किसानों की मांग है कि उन्हें फसल में हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए। इस दौरान किसानों ने केंद्र व भगवंत मान सरकार पर उनकी अनदेखी किए जाने का भी आरोप लगाया।

प्रति एकड़ 50 हजार रुपये का मुआवजा मांग रहे किसान

किसान मजदूर संघर्ष समिति के सरबन सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा, बारिश के कारण हमारी सारी खेती पूरी तरह बर्बाद हो गई है। मुख्यमंत्री मान ने खेती में हुए नुकसान की जांच के लिए अधिकारियों द्वारा जमीनी निरीक्षण का वादा किया था, लेकिन अभी तक निरीक्षण करने कोई नहीं आया है। उन्होंने कहा, हमारी मांग है कि हमें प्रति एकड़ 50 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाए और हमारे कर्ज पर छह महीने का ब्याज माफ किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होंगी हम नहीं हटेंगे।

सीएम मान ने किया मुआवजे का वादा

पंजाब में बीते दिनों तेज बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसल को काफी नुकसान पहुंचा था, जिसके चलते सीएम भगवंत मान ने किसानों को मुआवजा देने का वादा किया। उन्होंने ट्विटर पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि विधायकों को गांव-गांव जाकर किसानों से बातचीत करने और अधिकारियों को जमीनी निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा था कि बारिश से खराब हुई फसल का मुआवजा किसानों को बैसाखी से पहले दे दिया जाएगा। उन्होंने कहा था कि आपदा की इस स्थिति में पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार किसानों के साथ खड़ी है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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