पंजाब की एक विशेष अदालत ने अमृतसर के एक नागरिक को मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े धनशोधन के आरोपों में दोषी ठहराया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उसने एक बयान में कहा कि अमृतसर जिले के धुन गांव के महाबीर सिंह को बृहस्पतिवार को जालंधर की अदालत ने धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत चार साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई और 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया।
2009 में दर्ज किया गया था मामला
ईडी ने उक्त व्यक्ति और कुछ अन्य के खिलाफ 2009 में पंजाब पुलिस की एक प्राथमिकी के आधार पर धनशोधन का मामला दर्ज किया था। पंजाब पुलिस ने मादक पदार्थों की रोकथाम से जुड़े एनडीपीएस अधिनियम तथा शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।
15 किलो हेरोइन की जब्ती से जुड़ा था मामला
एजेंसी ने कहा कि महाबीर सिंह को पहले पुलिस द्वारा दर्ज एनडीपीएस के मामले में दोषी ठहराया गया। यह मामला 15 किलोग्राम हेरोइन की जब्ती से जुड़ा था।
उसने कहा कि पुलिस को पता चला कि मादक पदार्थों के कारोबार से अर्जित धन को आरोपी ने अचल संपत्तियों में लगा दिया। एजेंसी ने कहा कि ईडी ने जांच के दौरान इन संपत्तियों को कुर्क कर लिया और दोषी ठहराये जाने के बाद उन्हें धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया गया है।
