चण्डीगढ़

क्या था 2015 का ड्रग मामला, जिसमें हुई कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा की गिरफ्तारी

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Sep 28, 2023, 11:45 AM IST

2015 एनडीपीएस एक्ट मामले में हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने खैरा को राहत दी थी, लेकिन साथ ही कहा था कि पुलिस चाहे तो इस मामले की आगे भी जांच कर सकती है।

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सुखपाल खैरा

Photo : ANI

Sukhpal Khaira Arrested- पंजाब कांग्रेस के विधायक सुखपाल सिंह खैरा को आज पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। चंडीगढ़ में सुखपाल खैरा के घर सुबह-सुबह पंजाब पुलिस ने दबिश दी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। खैरा की गिरफ्तारी 2015 के एनडीपीएस (NDPS) मामले में हुई है। सुखपाल सिंह खैरा के खिलाफ ड्रग्स मामले को लेकर हम सबूत मिले थे जिसके बाद पुलिस ने ये कार्रवाई की है।

13 अप्रैल 2023 को एसआईटी का गठन

2015 एनडीपीएस एक्ट मामले में हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने खैरा को राहत दी थी, लेकिन साथ ही कहा था कि पुलिस चाहे तो इस मामले की आगे भी जांच कर सकती है। फाजिल्का ड्रग्स तस्करी मामले में सेशन जज के आदेश पर 13 अप्रैल 2023 को एक एसआईटी (SIT) का गठन हुआ था। पंजाब पुलिस के डीआईजी स्वप्न शर्मा के नेतृत्व में एसआईटी का गठन हुआ था। एसआईटी जांच में सुखपाल खैरा की ड्रग तस्करी में शामिल पाए गए। इसी आधार पर पंजाब पुलिस ने सुखपाल खैरा को गिरफ्तार किया है। इस मामले में बाकी जो ड्रग्स तस्कर थे उन्हें 10 साल की सजा हो चुकी है। सुखपाल खैरा अब तक राजनीतिक संरक्षण से इस मामले में खुद को बचा रहे थे।

क्या था 2015 का ड्रग मामला

जलालाबाद पुलिस ने साल 2015 में मार्केट कमेटी ढिलवां के पूर्व चेयरमैन गुरदेव सिंह सहित 9 लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इनके कब्जे से 2 किलो हेरोइन, 24 सोने के बिस्कुट, एक देसी .315-बोर पिस्तौल, दो पाकिस्तानी सिम कार्ड बरामद किए थे। इस मामले में गुरदेव सिंह के साथ कथित संबंधों के कारण खैरा भी आरोपों में घिर गए और कानूनी लड़ाई के बाद आज उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया गया। इस मामले में खैरा के साथ-साथ उनके निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) जोगा सिंह, निजी सहायक मनीष, NRI यूके निवासी चरणजीत कौर और बाजवा कलां गांव (जालंधर) के मेजर सिंह बाजवा का नाम भी मामले में सामने आया था।

ईडी के भी शिकंजे में आए खैरा

सुखपाल सिंह खैरा पर इससे पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। ईडी ने आरोप लगाया था कि खैरा ने ड्रग मामले के दोषियों और फर्जी पासपोर्ट रैकेट के सहयोगी हैं। इस पर पंजाब हरियाणा में याचिका दाखिल करते हुए खैरा ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। इस मामले के लंबित रहने के दौरान मनी लॉन्ड्रिंग का केस भी दर्ज कर लिया गया था। हाईकोर्ट ने जनवरी 2022 में खैरा को सशर्त जमानत दी थी। इसके बाद एनडीपीएस मामले में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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