Automated Toll Plaza: हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के बीच सफर आसान बनाने के लिए अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 का निर्माण कार्य जारी है। इस पर ट्रायल रन पूरा होने के बाद टोल की दरें भी निर्धारित कर दी गई हैं। खास बात यह है कि इस हाईवे पर हरियाणा स्थित झिझौंली में एक ऐसा टोल प्लाजा तैयार किया जा रहा है, जिसमें न तो कोई बूथ होगा और न ही कोई कर्मचारी नजर आएगा। यहां पर ऑटोमेटिक प्रोसेस के जरिए टोल टैक्स कट जाएगा। इस टोल पर ऐसे सेंसर लगाए जा रहे हैं जो फास्टैग से खुद ही टोल काट लेंगे, इसका एक प्रोसेस ट्रायल के तौर पर पूरा किया जा चुका है। मीडिया रिपोर्ट के हवाले से सोनीपत से बवाना के बीच सफर करने वाले कार चालकों को 65 रुपये बतौर टोल टैक्स चुकाना होगा। आइये जानते हैं कितने एक्सल की गाड़ियों को कितना टोल शुल्क चुकाना होगा?

हाईवे
इस टोल के शुरू होने से दिल्ली, हरियाणा और पंजाब का सफर सुगम होगा। दावा है कि इस हाईवे के जरिए सोनीपत से बवाना तक का सफर एक घंटे से घटकर महज 20 मिनट हो जाएगा। इसके अलावा आईआईजी का सफर घटकर एक घंटे से भी कम हो जाएगा। साथ ही इस हाईवे के खुलने से दिल्ली-अमृतसर एन-44 (Delhi-Amritsar N-44) पर ट्रैफिक का दबाव भी बेहद कम हो जाएगा।
पूर्णतया स्वचालित टोल प्लाजा (Fully Automated Toll Plaza)
झिंझौली टोल प्लाजा पर टोल शुल्क कलेक्शन की प्रक्रिया पूर्णतया स्वचलित होगी। सेंसर के जरिए फास्टैग से स्वत: टोल शुल्क कट जाएगा। हालांकि, वर्तमान में वाहन चालकों और लोगों को इस बात से अवगत कराने और सभी वाहनों पर फास्टैग सुनिश्चित करने के लिए एक-एक अस्थाई कैश लेन भी होगी। ऐसे में अगर, कोई ब्लैक लिस्ट फास्टैग (Blacklisted Fastag) या फिर कैश देने वाले लोग आते हैं तो उनको लेफ्ट साइड की लेन से पास किया जाएगा। इस प्रकार के वाहन चालकों से अधिक टोल शुल्क वसूला जाएगा।

टोल प्लाजा
