चण्डीगढ़

हरियाणा में बढ़ा बेटियों का अनुपात, अब कम लिंगानुपात वाले गांवों पर होगा सरकार का फोकस

हरियाणा में पिछले कुछ सालों में लिंगानुपात में सुधार आया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार हरियाणा में लिंगानुपात 911 हो गया है। हालांकि अभी भी कई ऐसे गांव है जहां पर लिंगानुपता का आंकड़ा औसत से नीचे बना हुआ है। इन जगहों को चिन्हित करके इनपर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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सांकेतिक फोटो

हरियाणा में बेटियों की संख्या में सुधार देखने को मिला है। ताजा आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में लिंगानुपात 911 हो गया है। लेकिन अभी भी कई गांव ऐसे है जहां लिंगानुपात का आंकड़ा औसत से कम है। इन जगहों पर लिंगानुपात में सुधार लाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा है। लिंगानुपात को बढ़ाने के लिए सरकार 700 से कम लिंगानुपात वाले गांवों को चिन्हित करेगी। यह फैसला स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल की अध्यक्षता में राज्य टास्क फोस्क की समीक्षा बैठक में किया गया। इस दौरान हरियाणा में लिंगानुपात में सुधार लाने के लिए भविष्य में उठाए जाने वाले कदमों को लेकर भी समीक्षा की गई।

22 अप्रैल तक के लिंगानुपात के आंकड़े

नागरिक पंजीकरण प्रणाली (सीआरएस) पोर्टल के 22 अप्रैल तक अपडेट किए गए आंकड़ों के अनुसार हरियाणा में लिंगानुपात 911 हो गया है। हरियाणा में लंबे समय से विषम लिंगानुपात रहा है, लेकिन पिछले कुछ सालों में इसमें सुधार हुआ है। राज्य के महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं (डीजीएचएस) डॉ. कुलदीप सिंह ने कहा कि 2019 से मार्च 2025 तक गांव आधार पर लिंगानुपात के आंकड़े संकलित कर लिए गए हैं और कम लिंगानुपात वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

राज्य कार्य बल की बैठक में शामिल हुए अधिकारी

राज्य कार्य बल (एसटीएफ) की बैठक में इसके संयोजक डॉ. वीरेंद्र यादव ने कहा, ‘‘नागरिक पंजीकरण प्रणाली (सीआरएस) पोर्टल के अनुसार 22 अप्रैल तक राज्य का लिंगानुपात 911 हो गया है।’’ इस बैठक में महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं (डीजीएचएस) डॉ. कुलदीप सिंह, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं (डीएचएस) एवं एसटीएफ के संयोजक डॉ. वीरेंद्र यादव, डीएचएस, पीएनडीटी डॉ. सिम्मी वर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, सिविल सर्जन, पंचकूला, अभियोजन विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

(इनपुट - भाषा)

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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