Chandigarh: चंडीगढ़ में लगातार बढ़ती आपराधिक वारदातों को रोकने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने बड़ी योजना तैयार की है। पुलिस-प्रशासन अब चंडीगढ़ में रहने वाले हर बाहरी व्यक्ति का डाटा जुटाने का प्लान बनाया है। इसमें घरों में रहने वाले किराएदारों से लेकर घरों में घरेलू सहायक के तौर पर काम करने वाले लोग तक शामिल है। प्रशासन ने आदेश जारी कर सभी मकान मालिकों और घरेलू सहायक रखने वाले लोगों को एक सप्ताह में संबंधित जानकारी जमा कराने का निर्देश दिया है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि किरायेदार या नौकर के रूप में असामाजिक तत्व शहर में आपराधिक वारदात को अंजाम देते हैं।
चंडीगढ़ के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट-कम-डिप्टी कमिश्नर विनय प्रताप सिंह की तरफ से जारी आदेश में लोगों से कहा गया है कि वे स्थानीय थानों में एक सप्ताह के अंदर जानकारी पुलिस को मुहैया कराएं। इसके साथ ही सख्त चेतावनी दी गई है कि, इन आदेशों का उल्लंघना करने पर आईपीसी की धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के यह आदेश 20 मार्च, 2023 तक लागू रहेगा। इस आदेश में यह भी कहा गया है कि मकान मालिकों समेत अन्य रिहायशी जगहों के मालिक अपनी जगह किराए पर देने के बाद उस व्यक्ति पर आवश्यक निगरानी जरूर रखें। इससे यह सुनिश्चित हो सकेगा कि, कोई समाज-विरोधी तत्व या अपराधी आम किराएदार बन कर किसी को कोई नुकसान न पहुंचा सके।
