चण्डीगढ़

Chandigarh: चंडीगढ़ की यह लाइब्रेरी हो रही डिजिटल, एक क्लिक पर मिलेंगी 60 हजार पुस्तकों का संग्रहण

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 30, 2023, 04:35 PM IST

Chandigarh: चंडीगढ़ के सेक्टर-15 स्थित ऐतिहासिक द्वारिका दास लाइब्रेरी का डिजिटलाइजेशन होने जा रहा है। इसके लिए यूपी प्रशासन ने 26 लाख रुपये की ग्रांट जारी की है। इसका कार्य जल्‍द शुरू होगा और दो साल के अंदर पूरा कर लिया लाएगा। जिसके बाद लोग घर बैठे यहां मौजूद करीब 60 हजार पुस्तकों और लेखों को पढ़ सकेंगे।

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द्वारिका दास लाइब्रेरी का होगा डिजिटलाइजेशन

KEY HIGHLIGHTS
  • यूपी प्रशासन ने जारी किया 26 लाख रुपये की ग्रांट
  • दो साल मं पूरा होगा लाइब्रेरी डिजिटलाइजेशन कार्य
  • इस लाइब्रेरी में मौजूद हैं हजारों ऐतिहासिक किताबें व लेख


Chandigarh: चंडीगढ़ के लोगों को बढ़ी सौगात मिलने जा रही है। यूटी प्रशासन सेक्टर-15 स्थित द्वारिका दास लाइब्रेरी का डिजिटलाइजेशन करने जा रहा है। इसके लिए चंडीगढ़ प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित द्वारा 26 लाख रुपये की ग्रांट जारी कर दी गई है। जल्‍द ही चंडीगढ़ के लोग इस लाइब्रेरी में मौजूद करीब 60 हजार पुस्तकों और लेखों के संग्रहण को एक क्लिक में पढ़ सकेंगे। इस लाइब्रेरी में मौजूद ज्‍यादातर किताबें विभिन्न स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा पठित और उनके जीवन पर लिखित है। एक एक मात्र ऐसी लाइब्रेरी है जिसमें लाला लाजपत राय की लेखनी और आजादी के लिए विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित उनके लेख के साथ भगत सिंह द्वारा पढ़ी गई किताबों को भी सहेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस लाइब्रेरी के डिजिटलाइजेशन काम जल्‍द ही शुरू कर दिया जाएगा और इसे दो वर्ष तक पूरा करने का लक्ष्‍य रखा गया है।

बता दें कि, द्वारिका दास लाइब्रेरी एक ऐतिहासिक लाइब्रेरी है। देश की आजादी से पहले यह लाहौर में स्‍थापित थी। द्वारिका दास और लाला लाजपत राय घनिष्‍ठ मित्र थे। लाला लाजपत राय खुद के सभी लेखों को इसी लाइब्रेरी में सहेज कर रखते थे। जहां से आम पाठक उसे पढ़ सकते थे। भारत के विभाजन और आजादी के बाद 1947 में इस लाइब्रेरी को सबसे पहले चंडीगढ़ के सेक्टर-14 स्थित पीयू कैंपस में स्थापित किया गया। इसके कुछ साल बाद इसे सेक्टर-15 में अलग से भवन निर्माण कर लाइब्रेरी स्थापित की गई। इस भवन का नाम लाला लाजपत राय रखा गया है।

देश-विदेश में बैठे पाठकों को भी मिलेगा लाभ

यूटी प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, यह लाइब्रेरी पूरे देश के लिए बेहद खास है। इसमें स्‍वतंत्रता संग्राम और शहीदों से जुड़े हुए हजारों लेख मौजूद हैं। इस लाइब्रेरी का डिजिलाइजेशन होने के बाद इसका फायदा सिर्फ चंडीगढ़ और भारत में मौजूद लोगों को ही नहीं बल्कि दूसरे देशों में बैठे पाठकों को भी मिलेगा। यहां पर कई ऐसे लेख और पुस्‍तकें मौजूद हैं, जिनका कोई दूसरा प्रतिलिपि नहीं है। यही कारण है कि इतिहास और रिसर्च से जुड़े लोग देश के कोने-कोने से इस लाइब्रेरी में इन लेखों को पढ़ने आते हैं। यहां पर विभिन्न पुस्तकों और लेखों के साथ साइमन कमीशन के दौरान घायल हुए लाला लाजपत राय के खून से सने कपड़े को भी सहेज कर रखा गया है।
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