चंडीगढ़ की गौशाला में एक साथ 60 गायों की मौत से हड़कंप; 2 अधिकारी सस्पेंड, कई कर्मचारी बर्खास्त
- Authored by: मनोज कुमार
- Updated Jan 15, 2026, 08:43 PM IST
चंडीगढ़ के मक्खन माजरा स्थित गौशाला में एक ही दिन में दर्जनों गायों की मौत से हड़कंप मच गया है। घटना के बाद प्रशासनिक लापरवाही को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए निलंबन, सेवा समाप्ति और मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए हैं।
कई गायों की मौत, कई की हालत बहुत नाजुक (AI image)
चंडीगढ़ के मक्खन माजरा स्थित गौशाला में एक दिन पहले मिली दर्जनों गायों की लाशों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।बता दें कि कई गायें मृत अवस्था में पाई गईं, जबकि कई की हालत बेहद नाजुक थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निलंबन, सेवा समाप्ति और मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। करीब पांच एकड़ में फैली इस गौशाला में एक दिन पहले लगभग 60 गायों की मौत की पुष्टि हुई। जब अधिकारियों और मीडिया टीमों ने गौशाला का निरीक्षण किया तो कई गाय मृत पड़ी थीं और कुछ जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रही थीं। हालात इतने गंभीर थे कि मौके पर मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए।
शव निपटान प्लांट बंद, वीडियो हुआ वायरल
गौशाला परिसर में मौजूद एनिमल कारकास इंसीनिरेटर प्लांट, जहां मृत गायों का अंतिम संस्कार किया जाता है, पिछले लगभग एक सप्ताह से बंद था। सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हुआ, वह इसी स्थान का बताया जा रहा है। प्लांट के बंद होने के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, जिससे हालात और बिगड़ गए।
वरिष्ठ अधिकारियों ने किया मौके का निरीक्षण
घटना की जानकारी मिलते ही चंडीगढ़ के मुख्य सचिव राजेश प्रसाद और गृह सचिव मनदीप बराड मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। मुख्य सचिव ने माना कि प्लांट खराब होने की स्थिति में कर्मचारियों को अन्य विकल्प अपनाने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया, जो गंभीर चूक है। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चिकित्सा अधिकारी स्वास्थ्य (एमओएच) डॉ. इंदरदीप कौर को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा गौशाला में तैनात कई संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं, जिनमें पशु चिकित्सक, स्वच्छता निरीक्षक, पर्यवेक्षक और मल्टी-टास्किंग स्टाफ शामिल हैं।
मजिस्ट्रियल जांच और पोस्टमार्टम के आदेश
मामले की गहराई से जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं, जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त (एडीएम) करेंगे। साथ ही, गायों की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। घटना के बाद जब टाइम्स नाउ नवभारत की टीम गौशाला पहुंची तो निलंबित एमओएच डॉ. इंदरदीप कौर भी वहां मौजूद थीं। मीडिया द्वारा सवाल पूछे जाने पर वे बिना जवाब दिए गाड़ी में बैठकर वहां से निकल गईं, जिससे विवाद और गहरा गया। प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कई कदम उठाने की घोषणा की है। इसके तहत नगर निगम के जॉइंट कमिशनर हर 15 दिन में गौशाला संचालकों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। इसके अलावा पशुपालन विभाग के डॉक्टरों की टीमें नियमित निरीक्षण करेंगी ताकि बीमार पशुओं को समय पर इलाज मिल सके।
हिंदू संगठनों का प्रदर्शन
घटना के बाद मौके पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भी पहुंचे और गौशाला की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। संगठनों ने आरोप लगाया कि गायों की मौत का कारण प्रशासनिक लापरवाही और खराब प्रबंधन है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
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