दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर करीब एक महीने के ज्यादा समय से धरना प्रदर्शन जारी है। यह प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके सहयोगियों के नेतृत्व में लगातार जारी है। इसी बीच 20 जुलाई को संसद कूच के लिए बड़ी संख्या में छात्र और सहयोगी प्रदर्शनकारियों के साथ दिल्ली पुलिस और आरएएफ के साथ झड़पें देखी गईं, जिसके बाद शुक्रवार को सोशल मीडिया में अभिजीत दीपके की मौत की फर्जी खबर प्रसारित की गई। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने फैक्ट चेक करते हुए अखबार की उस कतरन को फर्जी करार दिया, जिसमें सीजेपी संस्थापक की मौत का झूठा दावा किया गया था।
पुलिस ने गलत जानकारी वाली सामग्री तैयार करने और उसे फैलाने के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि अखबार की वायरल हो रही कतरन मनगढ़ंत है। पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे बिना पुष्टि की गई जानकारी पर विश्वास न करें और न ही उसे फैलाएं।
खबार की कतरन मनगढ़ंत और फर्जी
पुलिस ने कहा कि अभिजीत दीपके की मौत का झूठा दावा करने वाली अखबार की कतरन मनगढ़ंत और फर्जी है। वे पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित हैं। यह दुर्भावनापूर्ण है और ऐसी फर्जी सामग्री तैयार करने और उसे फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने जनता से अपील की कि वे अपुष्ट दावों को न फैलाएं और केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें।
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में आंदोलन 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुरू हुआ था। इस आंदोलन के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही, शिक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है।
