Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में लंबित आपराधिक मामलों में आरोपी व्यक्तियों को गिरफ्तार करने की कोशिश के दौरान ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर कथित तौर पर हमला किया। इस हमले में उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) समेत कम से कम छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना सुबह प्रतापपुर थाना क्षेत्र में आने वाले धरमपुर-मदननगर गांवों में हुई।
पुलिस को था विरोध होने का अंदाजा
सूरजपुर के अपर पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस की एक टीम पुराने आपराधिक मामलों में वांछित लोगों को गिरफ्तार करने के लिए गांवों में गई थी। उन्होंने कहा, "हमें अंदाजा था कि गिरफ्तारी के दौरान विरोध हो सकता है और हम पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंचे थे। हालांकि, हमें उम्मीद नहीं थी कि विरोध इतना हिंसक हो जाएगा। ग्रामीणों ने अभियान का जबरदस्त विरोध किया जिसमें छह से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए।"
पत्थर फेंके और लाठियां भांजते हुए किया पीछा
बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके और लाठियां भांजते हुए उनका पीछा किया। देवांगन ने ग्रामीणों के उन दावों को खारिज कर दिया कि पुलिस की तैनाती इलाके में प्रस्तावित कोयला खनन परियोजना के लिए जमीन के सर्वेक्षण से जुड़ी थीं उन्होंने कहा कि पुलिस बल के साथ कोई भू-सर्वेक्षण टीम नहीं थी। उन्होंने कहा, "टीम सिर्फ लंबित मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार करने गई थी। एक आरोपी को पकड़ लिया गया, जबकि बाकी का पता नहीं चल सका। मौके पर कोई सर्वेक्षण टीम नहीं थी, सिर्फ पुलिसकर्मी थे।"
इतने पुलिसकर्मी थे अभियान में शामिल
पुलिस अधिकारी ने आगे बताया कि इस अभियान में लगभग 250 पुलिसकर्मी शामिल थे और सूरजपुर जिले में कर्मचारियों की कमी के कारण आस-पास के जिलों से अतिरिक्त बल बुलाया गया था। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पुलिसकर्मी सड़क पर भागते हुए और भीड़ द्वारा उनका पीछा करते दिख रही है। पुलिसकर्मियों में दंगा-रोधी उपकरण से लैस महिला कॉन्स्टेबल भी शामिल थीं। अधिकारियों ने बताया कि पीछे हटते समय मची अफरा-तफरी में कई पुलिसकर्मी गिर गए और घायल हो गए। कुछ कर्मियों के सिर में चोटें आईं और कुछ अन्य गंभीर रूप से घायल हुए।
जमीन अधिग्रहण के सर्वेक्षण का विरोध
घायलों में डीएसपी राजेश जोशी भी शामिल थे। घायल कर्मियों को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया जहां से कुछ को बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर रेफर कर दिया गया। उन्होंने बताया कि अब स्थिति नियंत्रण में है। हाल ही में क्षेत्र के ग्रामीणों ने कोयला खनन की एक प्रस्तावित परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण के सर्वेक्षण का विरोध किया था। पुलिस ने कहा कि शुक्रवार का अभियान उस परियोजना से जुड़ा नहीं था और इसे सिर्फ लंबित आपराधिक मामलों में गिरफ्तारियां करने के लिए चलाया गया था।
