Bharmour Pilgrims Airlift: चंबा की विश्व प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा के दौरान भरमौर में फंसे श्रद्धालुओं को लगातार दो-तीन दिन तक वायु सेना के MI-17 हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। उन्हें भरमौर से चंबा लाया गया और इसके बाद बसों के जरिए पठानकोट तक पहुंचाया गया। सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और रेस्क्यू अभियान अब समाप्त हो गया है। आज सुबह की पहली फ्लाइट में रेस्क्यू किए गए यात्री चंबा पहुंच चुके हैं। आज अभियान के अंतिम दिन चार उड़ानों के जरिए 64 लोगों को एयरलिफ्ट किया गया। चंबा जिला प्रशासन द्वारा भरमौर में फंसे मणिमहेश यात्रा के श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी के लिए चलाया गया अभियान सफलतापूर्वक पूरा हो गया है।
588 लोगों को भरमौर से चंबा तक एयरलिफ्ट
भारतीय वायु सेना के MI-17 हेलीकॉप्टर से आज सुबह 8 बजे शुरू हुए रेस्क्यू अभियान के तहत चार उड़ानों में 64 लोगों को भरमौर से चंबा लाया गया, जो दोपहर 12:30 बजे तक जारी रहा। सुरक्षित निकाले गए सभी तीर्थयात्रियों को चंबा से हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों के माध्यम से उनके गंतव्यों तक निशुल्क भेजा गया। इस दौरान दो शव भी भरमौर से चंबा लाए गए। दो दिनों में कुल 588 व्यक्तियों को भरमौर से चंबा तक एयरलिफ्ट किया गया।
अतिथि देवो भवः की भावना का शानदार परिचय
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सफलतापूर्वक संपन्न बचाव अभियान के लिए जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, चंबा पुलिस, होमगार्ड, गैर सरकारी संगठनों और स्थानीय लोगों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि चंबा के लोगों ने ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना का शानदार परिचय दिया और मानवता का उदाहरण देते हुए भरमौर तथा रास्ते में फंसे लोगों के लिए लंगर का आयोजन किया।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की प्रशंसा
मुख्यमंत्री ने अभियान का नेतृत्व कर रहे राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की भी प्रशंसा की। राजस्व मंत्री कई दिनों से भरमौर में रहकर तीर्थयात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कर रहे थे। उन्होंने स्वेच्छा से चंबा से पैदल भरमौर तक जाकर हर फंसे हुए यात्री को सुरक्षित निकालने का काम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण के साथ लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
राज्य में कुल 366 लोगों की मौत
ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं ने तबाही मचा दी है। राज्य में कुल 366 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 203 बारिश से जुड़ी घटनाओं के कारण और 163 सड़क दुर्घटनाओं के चलते हुई हैं। मानसून के कारण कुल 4,07.9 करोड़ रुपये का अनुमानित आर्थिक नुकसान हुआ है, साथ ही 1,464 पशु और 26,955 मुर्गियों की मौत की खबर है। राज्य भर में अब तक 135 भूस्खलन, 95 अचानक बाढ़ और 45 बादल फटने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। सबसे अधिक प्रभावित जिले लाहौल-स्पीति (83), मंडी (46) और कुल्लू (45) रहे हैं।
