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बुलंदशहर में वर्दी पर गंभीर आरोप! 20 लाख की रंगदारी, फर्जी एनकाउंटर की धमकी और मारपीट के मामले में पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज

बुलंदशहर में पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोपों के बाद कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मच गया है। सिकंदराबाद थाने के तत्कालीन प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मियों पर एक व्यक्ति को जबरन उठाने, मारपीट करने और लाखों रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगा है।

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बुलंदशहर में पुलिसकर्मियों पर लगे गंभीर आरोप

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Bulandshahr News: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। सिकंदराबाद थाने में तैनात रहे कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ अपहरण, मारपीट, जबरन वसूली और भ्रष्टाचार समेत कई गंभीर आरोपों में एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई एक पीड़ित की शिकायत पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बाद की गई है। मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया गया है।

20 लाख रुपये की मांग

जानकारी के मुताबिक, पीड़ित सलमान ने इस पूरे मामले की शिकायत सीधे डीआईजी कलानिधि नैथानी से की थी। शिकायत में उसने तत्कालीन सिकंदराबाद पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए। पीड़ित का दावा है कि 30 अप्रैल 2026 को पुलिसकर्मी उसे गुलावठी टोल प्लाजा के पास से जबरन अपने साथ ले गए। इसके बाद उसे सिकंदराबाद थाने लाया गया, जहां कथित तौर पर उससे बड़ी रकम की मांग की गई। शिकायत के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने सलमान से कथित तौर पर 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। आरोप है कि रकम नहीं देने पर उसे झूठे एनडीपीएस यानी नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के मामले में फंसाने की धमकी दी गई। इतना ही नहीं, पीड़ित का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसके पैर में गोली मारकर उसे कथित एनकाउंटर में खत्म करने की धमकी भी दी।

भतीजे के साथ भी मारपीट का आरोप

सलमान ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ-साथ उसके भतीजे के साथ भी मारपीट की और दोनों पर लगातार दबाव बनाया गया। कथित तौर पर कई घंटे तक डराने-धमकाने के बाद उनसे पैसे की मांग की जाती रही। शिकायत में कहा गया है कि आखिरकार रात करीब 3 बजे 6 लाख रुपये की रकम लेने के बाद ही दोनों को कथित तौर पर पुलिस हिरासत से छोड़ा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी के निर्देश पर सिकंदराबाद थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर में तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज मलिक, उप-निरीक्षक अरुण कुमार, कांस्टेबल योगेश और 4 अन्य अज्ञात पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया गया।

पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं और इनमें अपहरण, मारपीट, जबरन वसूली तथा भ्रष्टाचार से संबंधित धाराएं शामिल हैं। वरिष्ठ अधिकारी के निर्देश के बाद एफआईआर दर्ज होने से माना जा रहा है कि अब पूरे मामले की जांच की जाएगी और शिकायत में लगाए गए आरोपों की सच्चाई सामने लाने के लिए साक्ष्यों को जुटाया जाएगा। फिलहाल, इस मामले ने बुलंदशहर पुलिस महकमे में हलचल बढ़ा दी है। शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटनाक्रम में वास्तव में क्या हुआ था और आरोपित पुलिसकर्मियों की भूमिका कितनी थी।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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