लोग साइकिल-घोड़ों से चलेंगे? कार को नहीं मिलेगा रास्ता; बॉम्बे हाई कोर्ट ने BMC को क्यों सुनाई खरी-खरी
- Edited by: Pushpendra Kumar
- Updated Feb 12, 2026, 10:17 PM IST
मुंबई में अतिक्रमण की स्थिति गंभीर के चलते अगले कुछ सालों में लोग साइकिल एवं घोड़ों से चलने को मजबूर होंगे। ये बात बॉम्बे हाई कोर्ट ने बीएमसी से कही। स्थानीय नगर निकाय को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि वह बेबस प्रतीत होता है और उसमें अतिक्रमण हटाने का साहस नहीं है।
मुंबई में बढ़ते अतिक्रमण पर बॉम्बे हाईकोर्ट पर सुनवाई
मुंबई : मुंबई उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को महानगर में सड़कों पर बढ़ते अतिक्रमणों पर चिंता व्यक्त करते हुए स्थिति को ’’गंभीर’’ बताया और टिप्पणी की कि भविष्य में निवासियों को साइकिल और घोड़ों से आने-जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। न्यायमूर्ति रविंद्र घुगे और न्यायमूर्ति अभय मंत्री की पीठ ने चिंता जताई कि यदि अतिक्रमण और अवैध कब्जे बिना किसी रोक-टोक के जारी रहे तो अगले दो दशकों में मुंबई शहर का क्या हाल होगा। उन्होंने स्थानीय नगर निकाय को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि वह बेबस प्रतीत होता है और उसमें अतिक्रमण हटाने का साहस नहीं है। अगर, जल्द ही इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में तमाम दुश्वारियों का सामना करना पड़ सकता है।
अतिक्रमणों के खिलाफ बृहन्मुंबई महानगरपालिका से पूछा सवाल
अदालत ने टिप्पणी की, ’’यदि इन (अवैध निर्माणों) पर रोक नहीं लगाई गई, तो भविष्य में लोगों को अतिक्रमित सड़कों पर केवल दोपहिया वाहनों, साइकिल या घोड़ों की सवारी करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इसने कहा कि हर जगह सड़कों पर केवल एक या दो लेन बची हैं और फिर यातायात जाम हो जाता है। गाड़ियां चल नहीं पातीं- जाम में फंसी ऐसी गाड़ियों की तुलना में व्यक्ति पैदल ज्यादा तेज चल लेता है। अदालत ने ये टिप्पणियां उपनगरीय पवई के एक स्कूल द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान कीं, जिसमें संस्थान के आसपास के अतिक्रमणों के खिलाफ बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की कथित निष्क्रियता पर चिंता जताई गई थी।
सड़कों पर अनधिकृत निर्माण कैसे हो रहे-बीएमसी
पीठ ने नगर निकाय अधिकारियों से सवाल किया कि सड़कों पर अनधिकृत निर्माण कैसे किए जा सकते हैं और संबंधित निगम उपायुक्त को शुक्रवार को अदालत में उपस्थित रहने का निर्देश दिया। बीएमसी के वकील ने अदालत को बताया कि नगर निकाय ने अतीत में अतिक्रमणकारियों को हटाने का प्रयास किया था, लेकिन वे हिंसक हो गए थे और अधिकारियों को धमकी दी थी।
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