BMC Election: कांग्रेस के अकेले चुनाव लड़ने के दांव ने विपक्षी दलों के मुकाबले को दिया नया रूप, पढ़ें- पूरी खबर
- Edited by: Nitin Arora
- Updated Dec 25, 2025, 03:02 PM IST
ग्रेस के स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने के फैसले ने मुंबई के नगर निकाय रणक्षेत्र में विपक्ष के लिए जगह सीमित कर दी है और 15 जनवरी को होने वाले चुनाव को बहुकोणीय मुकाबले में बदल दिया है। स्थानीय मुद्दों और वैचारिक स्पष्टता पर ध्यान केंद्रित करते हुए कांग्रेस का अकेले चुनाव लड़ने का कदम रणनीतिक पुनर्गठन और राजनीतिक कमजोरी को दर्शाता है।
कांग्रेस के अकेले चुनाव लड़ने के दांव ने विपक्षी दलों के मुकाबले को दिया नया रूप
BMC Elections: BMC Elections: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव में कांग्रेस के स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने के फैसले ने मुंबई के नगर निकाय रणक्षेत्र में विपक्ष के लिए जगह सीमित कर दी है और 15 जनवरी को होने वाले चुनाव को बहुकोणीय मुकाबले में बदल दिया है। पार्टी ने महानगर पालिका चुनाव में महा विकास आघाडी (MVA) व्यवस्था से बाहर रहने का कारण उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना (UBT) और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के बीच गठबंधन को बताया।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, स्थानीय मुद्दों और वैचारिक स्पष्टता पर ध्यान केंद्रित करते हुए कांग्रेस का अकेले चुनाव लड़ने का कदम रणनीतिक पुनर्गठन और राजनीतिक कमजोरी को दर्शाता है। उनका कहना है कि यह एक साहसिक कदम है, लेकिन ऐसे राजनीतिक परिदृश्य में यह जोखिम भरा है जहां मजबूत गठबंधन और उभरते प्रतिद्वंद्वी हावी हैं।
उन्होंने कहा कि मुंबई में कांग्रेस इस परिदृश्य में कैसे आगे बढ़ती है, इसका महाराष्ट्र और उससे बाहर के उसके राजनीतिक भविष्य पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकता है। ऐतिहासिक रूप से, कांग्रेस मुंबई की निकाय स्तर की राजनीति में एक प्रमुख शक्ति रही है, लेकिन पिछले तीन दशकों में उसकी सीटों की संख्या में लगातार गिरावट आई है।
इससे पहले 2017 में हुए चुनाव में, तत्कालीन अविभाजित शिवसेना (84) और भाजपा (82) के बीच कड़ी टक्कर थी, जबकि कांग्रेस की सीटों की संख्या घटकर मात्र 31 रह गई थी।
क्या नहीं हो सकता गठबंधन?
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे वैचारिक मतभेदों, विशेष रूप से भाषाई पहचान और प्रवासी मुद्दों पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के रुख के कारण उसके साथ गठबंधन नहीं कर सकते।
महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रभारी रमेश चेन्निथला ने कहा, 'हम ऐसे गठबंधन का हिस्सा नहीं बन सकते जो विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा देता हो।' पार्टी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस की रणनीति अल्पसंख्यक, दलित और प्रवासी मतदाताओं को एकजुट करने पर केंद्रित है, जो महा विकास आघाडी के साथ एमएनएस के संबंधों से असहज महसूस कर सकते हैं। बता दें कि BMC का विशाल बजट और मुंबई के नागरिक प्रशासन पर इसके प्रभाव के कारण इस पर नियंत्रण को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
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