उत्तराखंड के देहरादून जिले के बैरागीवाला गांव में सिंचाई के पानी को लेकर हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। लोगों के एक समूह ने कथित तौर पर भाजपा के स्थानीय पदाधिकारी विनोद (44) के घर में घुसकर उन पर और उनके परिवार पर हमला कर दिया, जिसमें विनोद की मौत हो गई, जबकि परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और प्रशासन ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कथित अवैध निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई की।
पुलिस के अनुसार, शनिवार शाम करीब छह बजे खेतों की सिंचाई को लेकर विनोद और गांव के ही इम्तियाज के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि इसके बाद 40 से अधिक लोगों का एक समूह लाठी, डंडे, हथौड़े और फावड़े लेकर विनोद के घर पहुंचा और हमला कर दिया। हमले में विनोद के सिर पर हथौड़े से गंभीर चोट लगी, जिसके कारण इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
इस हमले में विनोद के भाई अशोक और राजेश तथा उनकी भाभी सुषमा भी गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने विनोद को मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोगों और दक्षिणपंथी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर दी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने मुख्य आरोपी के घर पर पथराव किया, तोड़फोड़ की और उसमें आग लगा दी। हालात बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों ने इलाके में फ्लैग मार्च किया।
प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी के कथित अवैध निर्माण, जिसमें एक दुकान और चारदीवारी शामिल थी, को ध्वस्त कर दिया। बाद में उसका मकान भी गिरा दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए और आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की।
मामले में सहसपुर थाने में हत्या, हत्या के प्रयास, दंगा और संयुक्त आपराधिक जिम्मेदारी सहित विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एफआईआर में 12 नामजद आरोपियों और 30-40 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि कई टीमों का गठन कर छापेमारी की गई, जिसके बाद रज्जाक, सलमान, जावेद और शहबाज को गिरफ्तार कर लिया गया। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि उत्तराखंड की शांति और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें कानून के मुताबिक सजा दिलाई जाएगी।
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