Patna Hostel Death: फोरेंसिक जांच में NEET की तैयारी करने वाली छात्रा के कपड़ों पर मिला स्पर्म, यौन उत्पीड़न का शक, होगा DNA टेस्ट
- Reported by: Saket KumarEdited by: Nitin Arora
- Updated Jan 25, 2026, 07:58 AM IST
Patna Hostel Death: पटना में 18 साल की NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत की जांच कर रही फोरेंसिक टीम ने बताया है कि मृतक के अंडरगारमेंट्स में पुरुष के स्पर्म मिले हैं। यह बात तब सामने आई है जब पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया था कि 18 साल की लड़की के साथ सेक्शुअल असॉल्ट हुआ था।
Patna Hostel Death: फोरेंसिक जांच में NEET की तैयारी करने वाली छात्रा के कपड़ों पर मिला पुरुष का स्पर्म
Patna NEET Aspirant Death Investigation: बिहार के पटना में एक 18 साल की NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत की जांच में नई जानकारी सामने आई है। वह अपने हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिली थी और पांच दिनों तक कोमा में जिंदगी के लिए जूझने के बाद उसकी मौत हो गई। उसके परिवार ने आरोप लगाया था कि उसके साथ यौन उत्पीड़न हुआ था। अब फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट में उसके कपड़ों पर पुरुष के सीमेन के निशान मिले हैं, जिससे यौन उत्पीड़न का शक और गहरा हो गया है।
वह लड़की जहानाबाद जिले की रहने वाली थी। पटना के कंकड़बाग इलाके में शंभू गर्ल्स हॉस्टल में संदिग्ध हालात में उसकी मौत से शहर में भारी गुस्से का माहौल बन गया। बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बाद, मामले की जांच के लिए एक SIT टीम बनाई गई। हॉस्टल के मालिक मनीष कुमार रंजन को भी गिरफ्तार किया गया।
फोरेंसिक मेडिसिन एंड टॉक्सिकोलॉजी (AIIMS) पटना के डॉ. विनय कुमार ने कहा, '...एम्स पटना को बिहार पुलिस से इस मामले पर राय देने के लिए एक रिक्वेस्ट मिली है। एम्स पटना ने पांच सीनियर डॉक्टरों की एक कमेटी बनाई है। बोर्ड समय-समय पर SIT से जरूरी डॉक्यूमेंट्स मांग रहा है, क्योंकि मेडिकल बोर्ड के पास अभी सभी रिपोर्ट्स नहीं हैं। जब सभी टेस्ट रिपोर्ट्स मिल जाएंगी, तो हम अपनी राय देंगे...'
पुलिस पर गंभीर आरोप, नहीं की सही जांच
इस मामले ने पुलिस जांच की जवाबदेही पर भी सवाल उठाए हैं, क्योंकि पुलिस ने पहले मौत की संभावित वजह ड्रग ओवरडोज और आत्महत्या बताई थी। परिवार ने पुलिस पर केस छोड़ने के लिए दबाव डालने और रिश्वत देने का भी आरोप लगाया है।
यह ध्यान देने वाली बात है कि महिला की मौत के बाद पुलिस ने सेक्सुअल असॉल्ट की बात से इनकार कर दिया था। हालांकि, पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट और FSL रिपोर्ट दोनों में सेक्सुअल हिंसा की बात सामने आई है। पोस्ट-मॉर्टम पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (PMCH) में किया गया था, जहां डॉक्टरों को महिला के शरीर पर चोट के निशान मिले जो सेक्सुअल हिंसा की ओर इशारा करते थे।
पुलिस की जल्दबाजी पर सवाल
ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव विमेंस एसोसिएशन की जनरल सेक्रेटरी मीना तिवारी ने पहले पुलिस की जल्दबाजी पर सवाल उठाया था और पूछा था कि क्या किसी बाहरी दबाव ने उनके काम को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि किसी मामले की पूरी जांच करना पुलिस की जिम्मेदारी है, न कि जल्दबाजी में किसी नतीजे पर पहुंचना। उन्होंने आगे कहा, 'जांच और छानबीन करने के बजाय, उन्होंने सीधे एक बयान जारी कर दिया कि कोई रेप नहीं हुआ था और यह लगभग एक फैसले जैसा था। वह भी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले। पुलिस का काम सबूत इकट्ठा करके उन्हें कोर्ट के सामने पेश करना है। फैसला सुनाना कोर्ट का काम है, पुलिस का नहीं।'
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